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Bareilly News: रामतारा रिसॉर्ट ने जीता केस, फैसले के खिलाफ बीडीए ने की अपील
Sat, 23 Dec 2023 02:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 23 Dec 2023 02:15 AM IST
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बरेली। बीसलपुर रोड पर बना रामतारा रिसॉर्ट अब ग्रेटर बरेली योजना के हिस्से वाली जमीन पर आ गया है। रिसॉर्ट की अब तक कंपाउंडिंग नहीं हुई है। मामला कोर्ट में था और रामतारा रिसॉर्ट ने केस जीत लिया है। अब बीडीए ने फैसले के लिए खिलाफ अपील की है।
बीडीए प्रशासन ने जारी प्रेस नोट में कहा है कि रामतारा रिसॉर्ट की कंपाउंडिंग नहीं हुई है। संचालक से जब कपाउंडिंग कराने के लिए कहा गया था तो उन्होंने बीडीए के खाते में रुपये जमा करा दिए थे। बाद में जांच में पता चला कि रिसॉर्ट ग्रेटर बरेली के लिए अधिग्रहित जमीन पर बना है। बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह के अनुसार इस पर रुपया उसी अकाउंट में वापस कर दिया गया, जिससे जमा हुआ था, लेकिन रिसॉर्ट मालिक ने बीडीए की कार्रवाई से पहले ही अपना वह बैंक खाता फ्रीज करा दिया। इससे बीडीए से भेजी गई राशि खाताधारक के खाते में जमा नहीं हो पाई।इसकी सूचना खाताधारक को पत्र के जरिए दी गई, लेकिन बीडीए से जारी नोटिस में गांव का नाम गलत लिख गया। इसी का सहारा लेकर रिसॉर्ट मालिक ने कोर्ट से स्टे ले लिया। इसीलिए अब बीडीए ने कोर्ट में अपील की है। आदेश के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
वहीं रामतारा रिसॉर्ट के मालिक सुरेंद्र पाल का कहना है कि उन्होंने यह जमीन 1995 में खरीदी थी। वर्ष 2014 में रिसॉर्ट का निर्माण कराया। उस समय 143 के तहत भू उपयोग परिवर्तन कराया तो बीडीए की कोई आपत्ति नहीं थी। इसलिए निर्माण शुरु करा दिया। वर्ष 2018 में पहली बार बीडीए के अफसर आए और कंपाउंडिग कराने को कहा। मुझसे दो बार में छह लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद दो बार में 35 लाख और जमा कराए, लेकिन कंपाउंडिंग नहीं की। मैं कोर्ट से केस भी जीत चुका हूं।
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बीडीए प्रशासन ने जारी प्रेस नोट में कहा है कि रामतारा रिसॉर्ट की कंपाउंडिंग नहीं हुई है। संचालक से जब कपाउंडिंग कराने के लिए कहा गया था तो उन्होंने बीडीए के खाते में रुपये जमा करा दिए थे। बाद में जांच में पता चला कि रिसॉर्ट ग्रेटर बरेली के लिए अधिग्रहित जमीन पर बना है। बीडीए वीसी जोगिंदर सिंह के अनुसार इस पर रुपया उसी अकाउंट में वापस कर दिया गया, जिससे जमा हुआ था, लेकिन रिसॉर्ट मालिक ने बीडीए की कार्रवाई से पहले ही अपना वह बैंक खाता फ्रीज करा दिया। इससे बीडीए से भेजी गई राशि खाताधारक के खाते में जमा नहीं हो पाई।इसकी सूचना खाताधारक को पत्र के जरिए दी गई, लेकिन बीडीए से जारी नोटिस में गांव का नाम गलत लिख गया। इसी का सहारा लेकर रिसॉर्ट मालिक ने कोर्ट से स्टे ले लिया। इसीलिए अब बीडीए ने कोर्ट में अपील की है। आदेश के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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वहीं रामतारा रिसॉर्ट के मालिक सुरेंद्र पाल का कहना है कि उन्होंने यह जमीन 1995 में खरीदी थी। वर्ष 2014 में रिसॉर्ट का निर्माण कराया। उस समय 143 के तहत भू उपयोग परिवर्तन कराया तो बीडीए की कोई आपत्ति नहीं थी। इसलिए निर्माण शुरु करा दिया। वर्ष 2018 में पहली बार बीडीए के अफसर आए और कंपाउंडिग कराने को कहा। मुझसे दो बार में छह लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद दो बार में 35 लाख और जमा कराए, लेकिन कंपाउंडिंग नहीं की। मैं कोर्ट से केस भी जीत चुका हूं।
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