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रामगंगानगर: अवैध मकानों पर जल्द चलेगी जेसीबी
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- फोटो : amar ujala
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जमीन को अपना बताने पहुंचे चंदपुर के लोगों को बीडीए उपाध्यक्ष ने किया आगाह
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जमीन के कागजों को फर्जी बताया, कहा- सौ रुपये के स्टांप पर नहीं होती रजिस्ट्री
बरेली। रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर तीन में बने करीब छह सौ मकानों में रह रहे लोगों को नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार को कई लोगों ने बीडीए कार्यालय पहुंचकर बीडीए की कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने जमीन के कागजात दिखाते हुए कहा कि उन्होंने बाकायदा जमीन की रजिस्ट्री कराई है लेकिन बीडीए उपाध्यक्ष ने उनका तर्क यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सौ या दस रुपये के स्टांप पर जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती। सभी मकान अवैध हैं जिन पर बीडीए जल्द जेसीबी चलाएगा।
चंदपुर के करीब 50 लोग गुरुवार को बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह से मिलने बीडीए दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें अवैध कब्जेदार बताते हुए कब्जा खाली करने के नोटिस दिए गए हैं जबकि वह जमीन उनकी है। उन्होंने जमीन की मिल्कियत संबंधी दस्तावेज भी उपाध्यक्ष को दिखाए। उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने साफ किया कि प्राधिकरण ने इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया 2004 में शुरू कर दी थी। जिन गाटा नंबरों पर मकान बनाए गए हैं, उन सभी पर प्राधिकरण का स्वामित्व पहले से है। प्राधिकरण ने ही किसानों को जमीन का भुगतान भी किया है। ऐसे में अगर कोई यह दावा कर रहा है कि जमीन उसने खरीदी है तो बताए कि उसने किस आधार पर जमीन की खरीद की है।
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बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि सौ या दस रुपये के स्टांप पेपर पर जमीन की रजिस्ट्री नहीं की जा सकती। ये कागज मान्य नहीं है। इन कागजों में भी अधिकतर कब्जेदारों ने वर्ष 2015 के बाद जमीन खरीदना दिखाया है जबकि प्राधिकरण 16 साल पहले ही खरीद कर चुका है। उपाध्यक्ष ने बताया कि सभी अवैध कब्जों पर नोटिस जारी किया जा चुका है। जल्द ही कब्जे खाली कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। चंदपुर के लोगों के साथ ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी के लोग भी बीडीए दफ्तर पहुंचे थे। इनमें मौलाना हाफिज इमरान रजा, अब्दुल हलीम, मौलाना कमरुज्जमा, अब्दुल लतीफ कुरैशी, सईद रजा आदि शामिल थे।
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जमीन के कागजों को फर्जी बताया, कहा- सौ रुपये के स्टांप पर नहीं होती रजिस्ट्री बरेली। रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर तीन में बने करीब छह सौ मकानों में रह रहे लोगों को नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार को कई लोगों ने बीडीए कार्यालय पहुंचकर बीडीए की कार्रवाई को गलत बताया। उन्होंने जमीन के कागजात दिखाते हुए कहा कि उन्होंने बाकायदा जमीन की रजिस्ट्री कराई है लेकिन बीडीए उपाध्यक्ष ने उनका तर्क यह कहते हुए खारिज कर दिया कि सौ या दस रुपये के स्टांप पर जमीन की रजिस्ट्री नहीं होती। सभी मकान अवैध हैं जिन पर बीडीए जल्द जेसीबी चलाएगा।
चंदपुर के करीब 50 लोग गुरुवार को बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह से मिलने बीडीए दफ्तर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें अवैध कब्जेदार बताते हुए कब्जा खाली करने के नोटिस दिए गए हैं जबकि वह जमीन उनकी है। उन्होंने जमीन की मिल्कियत संबंधी दस्तावेज भी उपाध्यक्ष को दिखाए। उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने साफ किया कि प्राधिकरण ने इस जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया 2004 में शुरू कर दी थी। जिन गाटा नंबरों पर मकान बनाए गए हैं, उन सभी पर प्राधिकरण का स्वामित्व पहले से है। प्राधिकरण ने ही किसानों को जमीन का भुगतान भी किया है। ऐसे में अगर कोई यह दावा कर रहा है कि जमीन उसने खरीदी है तो बताए कि उसने किस आधार पर जमीन की खरीद की है।
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बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि सौ या दस रुपये के स्टांप पेपर पर जमीन की रजिस्ट्री नहीं की जा सकती। ये कागज मान्य नहीं है। इन कागजों में भी अधिकतर कब्जेदारों ने वर्ष 2015 के बाद जमीन खरीदना दिखाया है जबकि प्राधिकरण 16 साल पहले ही खरीद कर चुका है। उपाध्यक्ष ने बताया कि सभी अवैध कब्जों पर नोटिस जारी किया जा चुका है। जल्द ही कब्जे खाली कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। चंदपुर के लोगों के साथ ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी के लोग भी बीडीए दफ्तर पहुंचे थे। इनमें मौलाना हाफिज इमरान रजा, अब्दुल हलीम, मौलाना कमरुज्जमा, अब्दुल लतीफ कुरैशी, सईद रजा आदि शामिल थे।