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राजेंद्र गुप्ता ने भाजपा को परे झटका
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Fri, 13 May 2016 01:22 AM IST
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उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने भाजपा पर व्यापारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए समर्थकों के साथ गुरुवार को भाजपा छोड़ दी। उनके भाजपा छोड़ने के पीछे अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि वह बसपा के टिकट पर कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं।
पत्रकारों से वार्ता के दौरान राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि काफी सालों से वह और उनके व्यापारी साथी पार्टी में हो रही उपेक्षा से क्षुब्ध थे। भाजपा में व्यापारियों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण आहत होकर इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा सरकार ने सराफा व्यापारियों पर एक्साइज ड्यूटी लगाई है। इसका लंबे अर्से तक विरोध हुआ लेकिन सुनवाई नहीं हुई। केंद्र की ओर से थोपे गए खाद्य सुरक्षा कानून के माध्यम से व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। किसान ट्रैक्टर खरीद रहे है तो उसके लिए पेन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इन सभी से राहत दिलाने के लिए सरकार से मांग की गई लेकिन सुना नहीं गया।
उन्होंने कहा कि व्यापारी भाजपा समर्थक रहे हैं लेकिन भाजपा की सरकार में उनकी सबसे ज्यादा उपेक्षा हुई है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष बरेली आए लेकिन व्यापारियों के बारे में दो शब्द तक नहीं बोले। उन्होंने एक जनवरी 2016 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि पत्रकारों को सौंपी। जिसमें यूपी विधानसभा चुनाव मिशन 2017 में व्यापारी और उद्यमियों की भागीदारी का अनुरोध किया है। उन्होंने व्यापारियों की भागीदारी पद और टिकट से नहीं बल्कि आपसी सद्भाव, मेल मिलाप तथा पूछताछ के माध्यम से मांगी। इस पत्र का उनकी ओर से इस पत्र का जबाव तक नहीं भेजा।
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‘राजेंद्र गुप्ता ने भाजपा क्यों छोड़ी यह जवाब तो वह खुद देंगे या फिर संगठन की ओर से ही स्थिति स्पष्ट होगी। इस समय दिल्ली में हूं, जब तक मैं बरेली आकर विस्तार से जानकारी न करूं, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता।’
संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री वस्त्र उद्योग
‘पहले भी महापौर के चुनाव में भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे। चर्चा है कि अब भी चले गए, पता नहीं क्यों गए, यह तो वह खुद ही बेहतर बता सकते हैं।’
राजेश अग्रवाल, विधायक कैंट
ये तो संतोष गंगवार की राजनीति है
कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनुज गंगवार ने आरोप लगाया है कि व्यापारी नेता को भाजपा से इस्तीफा दिलाना केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की राजनीतिक चाल है। इसके पीछे असली मकसद भाजपा के विधायक राजेश अग्रवाल और पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन को राजनीतिक क्षति पहुंचाना है। वह पहले भी महापौर के चुनाव में राजेंद्र गुप्ता को सपा में भिजवा चुके हैं। उनकी इस तरह की राजनीति को बरेली की जनता समझ चुकी है, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जनता मुंह तोड़ जवाब देगी।
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पत्रकारों से वार्ता के दौरान राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि काफी सालों से वह और उनके व्यापारी साथी पार्टी में हो रही उपेक्षा से क्षुब्ध थे। भाजपा में व्यापारियों की सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके कारण आहत होकर इस्तीफा देने को मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा सरकार ने सराफा व्यापारियों पर एक्साइज ड्यूटी लगाई है। इसका लंबे अर्से तक विरोध हुआ लेकिन सुनवाई नहीं हुई। केंद्र की ओर से थोपे गए खाद्य सुरक्षा कानून के माध्यम से व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। किसान ट्रैक्टर खरीद रहे है तो उसके लिए पेन कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इन सभी से राहत दिलाने के लिए सरकार से मांग की गई लेकिन सुना नहीं गया।
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उन्होंने कहा कि व्यापारी भाजपा समर्थक रहे हैं लेकिन भाजपा की सरकार में उनकी सबसे ज्यादा उपेक्षा हुई है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष बरेली आए लेकिन व्यापारियों के बारे में दो शब्द तक नहीं बोले। उन्होंने एक जनवरी 2016 को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि पत्रकारों को सौंपी। जिसमें यूपी विधानसभा चुनाव मिशन 2017 में व्यापारी और उद्यमियों की भागीदारी का अनुरोध किया है। उन्होंने व्यापारियों की भागीदारी पद और टिकट से नहीं बल्कि आपसी सद्भाव, मेल मिलाप तथा पूछताछ के माध्यम से मांगी। इस पत्र का उनकी ओर से इस पत्र का जबाव तक नहीं भेजा।
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‘राजेंद्र गुप्ता ने भाजपा क्यों छोड़ी यह जवाब तो वह खुद देंगे या फिर संगठन की ओर से ही स्थिति स्पष्ट होगी। इस समय दिल्ली में हूं, जब तक मैं बरेली आकर विस्तार से जानकारी न करूं, तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता।’
संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री वस्त्र उद्योग
‘पहले भी महापौर के चुनाव में भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए थे। चर्चा है कि अब भी चले गए, पता नहीं क्यों गए, यह तो वह खुद ही बेहतर बता सकते हैं।’
राजेश अग्रवाल, विधायक कैंट
ये तो संतोष गंगवार की राजनीति है
कांग्रेस के प्रदेश सचिव अनुज गंगवार ने आरोप लगाया है कि व्यापारी नेता को भाजपा से इस्तीफा दिलाना केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की राजनीतिक चाल है। इसके पीछे असली मकसद भाजपा के विधायक राजेश अग्रवाल और पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन को राजनीतिक क्षति पहुंचाना है। वह पहले भी महापौर के चुनाव में राजेंद्र गुप्ता को सपा में भिजवा चुके हैं। उनकी इस तरह की राजनीति को बरेली की जनता समझ चुकी है, आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में जनता मुंह तोड़ जवाब देगी।
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