{"_id":"5fff43ed8ebc3e30ca6aaae9","slug":"qutubkhana-flyover-increased-businessman-s-opposition-against-administration-bareilly-news-bly433554332","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुतुबखाना फ्लाईओवरः प्रशासन के खिलाफ और बढ़ा व्यापारियों का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुतुबखाना फ्लाईओवरः प्रशासन के खिलाफ और बढ़ा व्यापारियों का विरोध
विज्ञापन
सड़क की नपाई करने आई टीम का घेराव करते व्यापारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्यापारी अड़े.. न सर्वे करने देंगे न फ्लाईओवर बनेगा
विज्ञापन
नोकझोंक के बीच सड़क की नापजोख करने पहुंची सेतु निगम की टीम को लौटाया
दो बार पहले भी कुतुबखाना में सर्वे करने से रोक चुके हैं व्यापारी
बोले- अफसरों ने जिद न छोड़ी तो परिवारों के साथ बैठेंगे धरने पर
बरेली। कुतुबखाना में फ्लाईओवर के निर्माण को टालने की कई कोशिशें नाकाम रहने के बाद अब इलाके के व्यापारी उसके सीधे विरोध पर उतर आए हैं। बुधवार को एक बार फिर व्यापारी यहां पहुंची सेतु निगम की टीम के आगे अड़ गए और उसे सड़क की नापजोख नहीं करने दी। काफी देर नोकझोंक के बाद सेतु निगम की टीम को बगैर सर्वे किए लौटना पड़ा। व्यापारियों ने इंजीनियरों से दो टूक कहा कि वे यहां फ्लाईओवर का निर्माण नहीं होने देंगे, लिहाजा वे बार-बार कुतुबखाना न आएं। करना ही है तो यहां अंडरपास का निर्माण करें।
कुतुबखाना और उससे जुड़े सभी बाजारों की सड़कें काफी समय से भयंकर जाम की चपेट में हैं। दरअसल इस पूरे इलाके में करीब-करीब आधी सड़क पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। इसकी वजह से इन सड़कों पर वैसे ही ट्रैफिक फंसता है, ऊपर से बाकी कसर टेंपो और ई रिक्शा की भरमार से पूरी हो जाती है। अवैध कब्जों के पीछे काफी लंबा गणित है, लिहाजा उन्हें हटाने के बजाय कुतुबखाना में जाम की समस्या खत्म करने के लिए कुछ सालों से कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनाने का सुझाव चर्चा में था। हाल ही में स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में फ्लाईओवर बनाने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। गाजियाबाद से फ्लाईओवर का मानचित्र बनवाने के साथ अब जलकल विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग यहां से अपनी भूमिगत लाइनों को हटाने का एस्टीमेट भी दे चुके हैं।
विज्ञापन
फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करने से पहले कुतुबखाना में एक तरफ लगातार तकनीकी सर्वे हो रहे हैं दो दूसरी तरफ व्यापारियों का विरोध भी बढ़ता जा रहा है। बुधवार को सेतु निगम की टीम सड़क की नापजोख करने कुतुबखाना बाजार पहुंची लेकिन उसके अपना काम शुरू करने से पहले ही व्यापारियों ने उसे घेरकर सवाल दागने शुरू कर दिए। टीम में शामिल इंजीनियरों ने कहा कि वे सड़क और दुकानों की नापजोख करना चाहते हैं। यह रिपोर्ट इसलिए तैयार की जा रही है क्योंकि फ्लाईओवर का प्रोजेक्ट अगले महीने मंजूरी के लिए रखा जाना है लेकिन व्यापारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और सड़क का नाप नहीं लेने दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
व्यापारियों ने कहा कि वे फ्लाईओवर के संबंध में अपना पक्ष पहले ही रख चुके हैं। कुतुबखाना में किसी भी हाल में यहां लाईओवर का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन को करना ही है तो व्यापारियों की मांग के अनुरूप यहां अंडरपास का निर्माण करें। व्यापारी नदीम शमसी ने कहा कि दिल्ली और लखनऊ के बाजारों से जब भूमिगत मेट्रो ट्रेन निकल सकती है तो यहां अंडरपास का निर्माण क्यों नहीं हो सकता। व्यापारियों ने कहा कि अधिकारी यहां आए दिन कोई न कोई टीम भेजकर उन्हें उकसाने का काम कर रहे हैं। यदि अधिकारियों ने जिद नहीं छोड़ी तो वह सभी परिवार समेत बाजार में धरने पर बैठ जाएंगे।
विज्ञापन
नोकझोंक के बीच सड़क की नापजोख करने पहुंची सेतु निगम की टीम को लौटाया
दो बार पहले भी कुतुबखाना में सर्वे करने से रोक चुके हैं व्यापारी
बोले- अफसरों ने जिद न छोड़ी तो परिवारों के साथ बैठेंगे धरने पर बरेली। कुतुबखाना में फ्लाईओवर के निर्माण को टालने की कई कोशिशें नाकाम रहने के बाद अब इलाके के व्यापारी उसके सीधे विरोध पर उतर आए हैं। बुधवार को एक बार फिर व्यापारी यहां पहुंची सेतु निगम की टीम के आगे अड़ गए और उसे सड़क की नापजोख नहीं करने दी। काफी देर नोकझोंक के बाद सेतु निगम की टीम को बगैर सर्वे किए लौटना पड़ा। व्यापारियों ने इंजीनियरों से दो टूक कहा कि वे यहां फ्लाईओवर का निर्माण नहीं होने देंगे, लिहाजा वे बार-बार कुतुबखाना न आएं। करना ही है तो यहां अंडरपास का निर्माण करें।
कुतुबखाना और उससे जुड़े सभी बाजारों की सड़कें काफी समय से भयंकर जाम की चपेट में हैं। दरअसल इस पूरे इलाके में करीब-करीब आधी सड़क पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। इसकी वजह से इन सड़कों पर वैसे ही ट्रैफिक फंसता है, ऊपर से बाकी कसर टेंपो और ई रिक्शा की भरमार से पूरी हो जाती है। अवैध कब्जों के पीछे काफी लंबा गणित है, लिहाजा उन्हें हटाने के बजाय कुतुबखाना में जाम की समस्या खत्म करने के लिए कुछ सालों से कुतुबखाना में फ्लाईओवर बनाने का सुझाव चर्चा में था। हाल ही में स्मार्ट सिटी बोर्ड की बैठक में फ्लाईओवर बनाने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। गाजियाबाद से फ्लाईओवर का मानचित्र बनवाने के साथ अब जलकल विभाग, नगर निगम और बिजली विभाग यहां से अपनी भूमिगत लाइनों को हटाने का एस्टीमेट भी दे चुके हैं।
विज्ञापन
फ्लाईओवर का निर्माण शुरू करने से पहले कुतुबखाना में एक तरफ लगातार तकनीकी सर्वे हो रहे हैं दो दूसरी तरफ व्यापारियों का विरोध भी बढ़ता जा रहा है। बुधवार को सेतु निगम की टीम सड़क की नापजोख करने कुतुबखाना बाजार पहुंची लेकिन उसके अपना काम शुरू करने से पहले ही व्यापारियों ने उसे घेरकर सवाल दागने शुरू कर दिए। टीम में शामिल इंजीनियरों ने कहा कि वे सड़क और दुकानों की नापजोख करना चाहते हैं। यह रिपोर्ट इसलिए तैयार की जा रही है क्योंकि फ्लाईओवर का प्रोजेक्ट अगले महीने मंजूरी के लिए रखा जाना है लेकिन व्यापारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और सड़क का नाप नहीं लेने दिया।
विज्ञापन
व्यापारियों ने कहा कि वे फ्लाईओवर के संबंध में अपना पक्ष पहले ही रख चुके हैं। कुतुबखाना में किसी भी हाल में यहां लाईओवर का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन को करना ही है तो व्यापारियों की मांग के अनुरूप यहां अंडरपास का निर्माण करें। व्यापारी नदीम शमसी ने कहा कि दिल्ली और लखनऊ के बाजारों से जब भूमिगत मेट्रो ट्रेन निकल सकती है तो यहां अंडरपास का निर्माण क्यों नहीं हो सकता। व्यापारियों ने कहा कि अधिकारी यहां आए दिन कोई न कोई टीम भेजकर उन्हें उकसाने का काम कर रहे हैं। यदि अधिकारियों ने जिद नहीं छोड़ी तो वह सभी परिवार समेत बाजार में धरने पर बैठ जाएंगे।