Bareilly News: पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कुतुबखाना पुल के निर्माण में देरी पर किया सवाल तो अटक गए अफसर
लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने बृहस्पतिवार शाम को निर्माणाधीन कुतुबखाना पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। मंत्री ने कहा कि अब और देरी न होने पाए। अफसरों ने कहा कि तैयारी पूरी है। फरवरी में इस पर वाहन चल सकेंगे।
विस्तार
लोक निर्माण मंत्री (पीडब्ल्यूडी) जितिन प्रसाद बृहस्पतिवार शाम को बरेली में निर्माणाधीन कुतुबखाना पुल का निरीक्षण करने पहुंचे। पुल निर्माण में हो रही देरी पर जब उन्होंने सवाल दागे तो अफसर अटक गए। पहला सवाल : कब तक बन जाना था पुल ? अफसर बोले- 31 दिसंबर तक। सवाल : अब कब तक बनाएंगे? अफसर बोले : 26 जनवरी तक पुल के सभी स्लैब आपस में जुड़ जाएंगे।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि सिर्फ तकनीकी बातें न बताएं। साथ में मौजूद सांसद संतोष गंगवार ने कहा कि आप सिर्फ इतना बताएं कि कब हम इस पुल से होकर अपने घर तक पैदल जा सकेंगे। मंत्री ने सांसद के सवाल पर जवाब मांगा। इस पर अफसर थोड़ा अटके फिर बोले- 26 जनवरी तक हम पुल की स्लैब डाल देंगे। पुल 1,307 मीटर लंबा है। इसमें 120 मीटर हिस्से को स्लैब से जोड़ा जाना है। मंत्री ने कहा कि अब और देरी न होने पाए। अफसरों ने कहा कि तैयारी पूरी है। फरवरी में इस पर वाहन चल सकेंगे।
'पुल के नीचे कोई अवैध कब्जा न करें'
कोतवाली से कोहाड़ापीर की ओर मंत्री ने घंटाघर तक पैदल निरीक्षण किया। व्यू कटर लगाने की वजह पूछी। पुल के नीचे अवैध कब्जे न होने पाएं, इसके लिए रणनीति भी पूछी। अफसरों ने कहा कि बीडीए डिवाइडर बनवाएगा। मंत्री ने पूछा कि अगर पुल के नीचे खाली स्थान पर छोटे दुकानदरों को जगह दी जाए तो कैसा रहेगा?
इस पर अफसरों ने कहा कि आवागमन प्रभावित हो जाएगा। सांसद भी सहमत नहीं थे। निरीक्षण के दौरान विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, आंवला के भाजपा जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। मुख्य अभियंता संजय कुमार तिवारी, सेतु निगम के जीएम केएन ओझा भी मौजूद रहे।
मंत्री जब सवाल पर सवाल कर रहे थे तब अफसरों ने कहा कि साइट पर अतिक्रमण न होता तो अब तक सड़क बन गई होती। मौसम ठंडा होने की वजह से डामर रोड नहीं बन रही है। तब तक कंक्रीट का काम पूरा कर रहे हैं। जैसे ही मौसम में सुधार होगा, डामर रोड भी डाल दी जाएगी। सेतु निगम के जीएम केएन ओझा ने बताया कि अगर फिर देरी हुई तो कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की जाएगी।