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पीडब्ल्यूडी : 1.28 करोड़ रुपये वेतन घोटाले की जांच बढ़ी
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बरेली। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड भवन में 1.28 करोड़ रुपये के वेतन-एरियर भुगतान घोटाले की जांच का दायरा बढ़ गया है। इस मामले में 89 लाख रुपये की वसूली भी हो चुकी है। अब पिछले दस वर्षों के भुगतान रिकॉर्ड की गहनता से जांच की जा रही है।
घोटाले में 22 कर्मचारियों के नाम पर रकम निकालने का मामला सामने आया है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किए गए भुगतान, ग्रेच्युटी, जीआईएस, जीपीएफ, अवकाश नकदीकरण और पेंशन संबंधी रिकॉर्ड का भी सत्यापन कराया जाएगा। पिछले दस वर्षों में मार्च माह के दौरान किए गए एरियर भुगतान की गहनता से जांच हो रही है। इसके लिए दो समितियां गठित की गई हैं।
अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने बताया कि मामले में जांच जारी है। लखनऊ स्तर से भी एक टीम लगातार इस पर नजर बनाए हुए है। वहीं इस घोटाले से जुड़ी एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर पर अधिशासी अभियंता अब्दुल सत्तार के ही हस्ताक्षर थे। पुलिस ने छह लोगों के नाम से दी गई तहरीर में सभी के हस्ताक्षर मांगे थे। हालांकि, अन्य कर्मचारियों ने हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद एफआईआर दर्ज करने की अनुमति के लिए सीओ सिटी को पत्र भेजा गया है। संवाद
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घोटाले में 22 कर्मचारियों के नाम पर रकम निकालने का मामला सामने आया है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को किए गए भुगतान, ग्रेच्युटी, जीआईएस, जीपीएफ, अवकाश नकदीकरण और पेंशन संबंधी रिकॉर्ड का भी सत्यापन कराया जाएगा। पिछले दस वर्षों में मार्च माह के दौरान किए गए एरियर भुगतान की गहनता से जांच हो रही है। इसके लिए दो समितियां गठित की गई हैं।
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अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने बताया कि मामले में जांच जारी है। लखनऊ स्तर से भी एक टीम लगातार इस पर नजर बनाए हुए है। वहीं इस घोटाले से जुड़ी एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर पर अधिशासी अभियंता अब्दुल सत्तार के ही हस्ताक्षर थे। पुलिस ने छह लोगों के नाम से दी गई तहरीर में सभी के हस्ताक्षर मांगे थे। हालांकि, अन्य कर्मचारियों ने हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद एफआईआर दर्ज करने की अनुमति के लिए सीओ सिटी को पत्र भेजा गया है। संवाद
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