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छात्रनेताओं का मीरगंज के आरपी कॉलेज में बखेड़ा
बरेली/मीरगंज
Updated Fri, 19 Dec 2014 12:47 AM IST
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आरपी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के नाम वापसी के दिन बृहस्पतिवार को बखेड़ा हो गया। छात्रनेताओं का एक गुट प्राचार्य कक्ष में गया और एक प्रत्याशी का पर्चा छीनकर फाड़ दिया। वहां मौजूद शिक्षकों को धक्कामुक्की भी की गई। इस पर शिक्षक भड़क गए। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव न कराने और कॉलेज में बेमियादी बंदी का ऐलान कर दिया।
हालांकि बाद में दूसरे गुट की अपील पर उन्होंने एसडीएम से सुरक्षा की गांरटी मिलने पर ही चुनाव कराने की बात कही।
नाम वापसी का समय 12 बजे तक ही तय किया गया था। अध्यक्ष पद की दावेदार मंजू देवी का दावा है कि वह 11.55 बजे प्राचार्य कक्ष में पहुंच गई थीं। 11.58 पर नाम वापसी का आवेदन प्राचार्य को दे दिया था।
इतने में दूसरे गुट के राजकुमार और अन्य छात्रनेता प्राचार्य कक्ष में घुस गए और निर्धारित समय बीतने के बाद पर्चा जमा करने का आरोप लगा दिया। आरोप है कि उन्होंने प्राचार्य के हाथ से पर्चा छीनकर फाड़ दिया। प्राचार्य कक्ष में मौजूद शिक्षकों ने विरोध किया तो उनसे भी धक्कामुक्की की गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
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उधर, अराजकता से नाराज शिक्षकों ने आपात्कालीन मीटिंग बुलाई। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव न कराने और कॉलेज अनिश्चितकाल तक बंद कर देने का फैसला भी ले लिया। बाद में छात्रनेता उपेंद्र यदुवंशी, निरंजन यदुवंशी, सोनू गंगवार आदि प्राचार्य और शिक्षकों से मिले और उपद्रवी छात्रों के दबाव में आए बगैर छात्रसंघ चुनाव कराने का अनुरोध किया। इस पर शिक्षकों ने कॉलेज की बेमियादी बंदी टालते हुए तय किया कि शुक्रवार को एसडीएम कुंवर पंकज से मिलकर छात्रसंघ चुनाव के दौरान कालेज प्रशासन को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने को कहेंगे।
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हालांकि बाद में दूसरे गुट की अपील पर उन्होंने एसडीएम से सुरक्षा की गांरटी मिलने पर ही चुनाव कराने की बात कही।
नाम वापसी का समय 12 बजे तक ही तय किया गया था। अध्यक्ष पद की दावेदार मंजू देवी का दावा है कि वह 11.55 बजे प्राचार्य कक्ष में पहुंच गई थीं। 11.58 पर नाम वापसी का आवेदन प्राचार्य को दे दिया था।
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इतने में दूसरे गुट के राजकुमार और अन्य छात्रनेता प्राचार्य कक्ष में घुस गए और निर्धारित समय बीतने के बाद पर्चा जमा करने का आरोप लगा दिया। आरोप है कि उन्होंने प्राचार्य के हाथ से पर्चा छीनकर फाड़ दिया। प्राचार्य कक्ष में मौजूद शिक्षकों ने विरोध किया तो उनसे भी धक्कामुक्की की गई। काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
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उधर, अराजकता से नाराज शिक्षकों ने आपात्कालीन मीटिंग बुलाई। उन्होंने छात्रसंघ चुनाव न कराने और कॉलेज अनिश्चितकाल तक बंद कर देने का फैसला भी ले लिया। बाद में छात्रनेता उपेंद्र यदुवंशी, निरंजन यदुवंशी, सोनू गंगवार आदि प्राचार्य और शिक्षकों से मिले और उपद्रवी छात्रों के दबाव में आए बगैर छात्रसंघ चुनाव कराने का अनुरोध किया। इस पर शिक्षकों ने कॉलेज की बेमियादी बंदी टालते हुए तय किया कि शुक्रवार को एसडीएम कुंवर पंकज से मिलकर छात्रसंघ चुनाव के दौरान कालेज प्रशासन को पूर्ण सुरक्षा मुहैया कराने को कहेंगे।