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Bareilly News: एआई से तय होगा संपत्ति कर, नगर निगम का दावा- गलत बिल से मिलेगा छुटकारा
Sat, 02 May 2026 04:16 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sat, 02 May 2026 04:16 PM IST
सार
बरेली नगर निगम के करदाताओं का संपत्ति कर अब एआई से लैस सॉफ्टवेयर से जनरेट होगा। नगर निगम का दावा है कि इस सॉफ्टवेयर से सिस्टम अब पहले से कहीं अधिक सटीक और पारदर्शी हो गया है।
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नगर निगम बरेली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली नगर निगम के 1.75 लाख करदाताओं के लिए राहत भरी खबर है। संपत्ति कर के गलत बिलों की मार झेल रहे शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए शासन की ओर से नामित एजेंसी ने नगर निगम के लिए अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिसका ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित यह सॉफ्टवेयर अब खामियों को दूर कर पारदर्शिता के साथ बिल जनरेट करेगा।
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दो-तीन वर्षों से कई करदाताओं के बिल गलत आ रहे थे। पुराने सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामियों के कारण कई उपभोक्ताओं को उनके वास्तविक क्षेत्रफल से कहीं अधिक के बिल भेज दिए जा रहे थे। इससे जहां जनता में नाराजगी बढ़ रही थी, वहीं कर विभाग में शिकायतों का अंबार भी लग रहा था। इसी के मद्देनजर शासन ने सॉफ्टवेयर को अपडेट करने का निर्णय लिया था। नए सॉफ्टवेयर की खास बात यह है कि इसमें डेटा फीडिंग के दौरान मकान का क्षेत्रफल, तस्वीर और फ्लोर की विस्तृत जानकारी डालनी होगी। एआई तकनीक इन जानकारियों का विश्लेषण कर खुद ही हाउस, वाटर और सीवर टैक्स की गणना कर बिल जनरेट कर देगी।
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दावा: सटीक और पारदर्शी हुआ सिस्टम
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि सिस्टम अब पहले से कहीं अधिक सटीक और पारदर्शी हो गया है। ट्रायल सफल होने के बाद अब उम्मीद है कि बिल संबंधी शिकायतों में कमी आएगी और टैक्स वसूली की प्रक्रिया भी आसान होगी। विभाग के इस कदम से करीब 1.75 लाख करदाताओं को गलत बिलों से छुटकारा मिलेगा।
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