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हजारों सैंपल बरबाद करने के प्रकरण की जांच समिति ने शुरू की जांच

Sun, 28 Nov 2021 12:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 28 Nov 2021 12:39 AM IST
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proove begin in case of sample destroy
बरेली। हजारों कोविड संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल की जांच न कराकर जिले को कोरोना मुक्त बनाने में जुटे अफसरों ने सैंपल बरबाद करने वालों की तलाश के लिए शनिवार को जांच समिति गठित कर दी है। उन्हें प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। साथ ही, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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पिछले दिनों दस हजार कोविड संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल बरबाद करने वालों पर अब तक स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सैंपलिंग इंचार्ज डिप्टी एसीएमओ डॉ. सीपी सिंह को हटाकर डॉ. सतीश चंद्रा को प्रभार सौंपकर पल्ला झाड़ लिया। करीब दस दिन बाद एक बार फिर दो माह पुराने अगस्त और सितंबर माह के हजारों सैंपल को एक कमरे में बंद मिले। प्रकरण की जानकारी होने के बाद शनिवार को जिला प्रशासन ने सीएमओ से प्रकरण की पूरी रिपोर्ट तलब कर ली है। लिहाजा, जांच के लिए सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह के निर्देश पर एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
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इस जांच समिति में एसीएमओ डॉ. आरएन गिरी और सर्विलांस इंचार्ज डॉ. अनुराग गौतम को निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, पिछले दिनों हुई गड़बड़ी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। बताया जा रहा कि एक के बाद एक हद दर्जे की लापरवाही उजागर होने के बावजूद अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने से स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों का माहौल गरमाया हुआ है।
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एक कमरे तक ही सिमट गई थी जांच प्रक्रिया
18 नवंबर को तीन सौ बेड अस्पताल के फ्लू कॉर्नर के पास स्टोर में एक से 18 नवंबर तक के सैंपल रखे मिले थे। जांच में करीब दस हजार सैंपल बरबाद होने के बाद उन्हें सीएमओ के निर्देश पर नवागत सैंपलिंग इंचार्ज ने नष्ट करा दिया था। अफसरों की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही कमरे तक जांच सीमित रही, उन्होंने अन्य कमरों की तलाशी लेना ही उचित नहीं समझा। शुक्रवार को एडी हेल्थ डॉ. सुधीर गर्ग ने अस्पताल के प्रत्येक कमरे का औचक निरीक्षण किया तो एक कमरा बंद मिला। जिसमें दो माह पुराने सैंपलों की खेप रखी हुई मिली थी।
आशंका : आखिर क्या बताते रहे रिपोर्ट में
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते कोविड की जांच कराने वाले हजारों लोगों की रिपोर्ट पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक जब जांच ही नहीं हुई तो पोर्टल पर रिपोर्ट भी अपडेट नहीं की गई है। ऐसे में सैंपल कराने वाले तमाम लोग स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटते रहे। बताया जाता है कि स्वास्थ्यकर्मी कभी उन्हें स्टाफ की कमी के चलते रिपोर्ट अपडेट होने में देरी तो कभी नेटवर्क स्लो होने से रिपोर्ट देखने में दिक्कत आदि मनचाही समस्याएं बताते रहे। हैरत यह कि एक भी संदिग्ध ने रिपोर्ट न मिलने पर कोई हंगामा नहीं किया और न शिकायत ही दर्ज कराई है।
एडी हेल्थ ने तलब की प्रकरण की रिपोर्ट
हजारों सैंपल बरबाद किए जाने के प्रकरण में एडी हेल्थ डॉ. सुधीर गर्ग ने सीएमओ से प्रकरण की पूरी रिपोर्ट तलब की है। साथ ही, हद दर्ज की लापरवाही, अनदेखी पर जांच में दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। उधर, सीएमओ डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि स्टोर रूम में रखे सभी सैंपल की जांच में कई थर्माकोल कन्टेनर बॉक्स खाली मिले हैं। जिनकी वीडियो फुटेज भी कराई गई है। खाली कन्टेनर स्टोर रूम में रखे जाने के पीछे कौन-कौन हैं, इसे लेकर जांच शुरू करा दी गई है। सैंपल किसने किए, किसने रिसीव किए, किसने कन्साइनमेंट बनाया आदि जांच में पता चल जाएंगे।

सीएमएस को हटाए जाने की सुगबुगाहट शुरू
लगातार दूसरी बार हजारों संदिग्ध संक्रमित के सैंपल बरबाद होने के प्रकरण पर अब सीएमएस की कुर्सी हिलती नजर आ रही है। बताया जाता है कि जल्द ही सीएमएस के स्थान पर किसी और को तीन सौ बेड अस्पताल संभालने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके लिए पूर्व में तीन सौ बेड अस्पताल में बेहतर व्यवस्थाएं कराने वाले सीएमएस डॉ. वागीश वैश्य को भी चार्ज दिए जाने की चर्चाएं चल रही हैं।
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