{"_id":"5ebc48af8ebc3e902b0f7671","slug":"proceeding-on-projector-outside-of-court-bareilly-news-bly4057552122","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुवक्किल कोर्ट के बाहर प्रोजेक्टर पर देखेंगे कार्यवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुवक्किल कोर्ट के बाहर प्रोजेक्टर पर देखेंगे कार्यवाही
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। कोरोना संकट के चलते तहसील में ई-कोर्ट चलाने की तैयारी है। इसमें कोर्ट के अंदर केवल दो-तीन लोग ही रहेंगे। मुवक्किल कोर्ट के बाहर प्रोजेक्टर पर कार्यवाही देखेंगे। बयान के लिए अंगूठा या दस्तखत के बजाय पक्षकार का वीडियो बनेगा। एसडीएम सदर ने इसका पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है।
राजस्व कोर्ट में 17 मई के बाद जमीन संबंधी मामलों की सुनवाई शुरू हो जाएगी। चूंकि कोरोना का खतरा अभी लंबे समय तक रहेगा। लिहाजा कोर्ट के संचालन में कई बदलाव करने की तैयारी है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोर्ट चलाने के लिए पूरी प्लानिंग की गई है। सुनवाई के लिए वकीलों का शेड्यूल तैयार होगा। कोर्ट में केवल दो-तीन लोग ही आएंगे। मुवक्किल पूरी कार्यवाही देख सकें, इसके लिए कोर्ट के बाहर प्रोजेक्टर लगाया जाएगा। कोर्ट में हाजिरी के लिए मोबाइल एप का इस्तेेमाल होगा।
कोरोना से बचाव के बीच में ही न्यायिक कार्य होने हैं, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बदलाव करने जरूरी हैं। कौन से और क्या सुधार हो सकते हैं? इस पर विचार चल रहा है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्व कोर्ट में 17 मई के बाद जमीन संबंधी मामलों की सुनवाई शुरू हो जाएगी। चूंकि कोरोना का खतरा अभी लंबे समय तक रहेगा। लिहाजा कोर्ट के संचालन में कई बदलाव करने की तैयारी है। एसडीएम सदर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोर्ट चलाने के लिए पूरी प्लानिंग की गई है। सुनवाई के लिए वकीलों का शेड्यूल तैयार होगा। कोर्ट में केवल दो-तीन लोग ही आएंगे। मुवक्किल पूरी कार्यवाही देख सकें, इसके लिए कोर्ट के बाहर प्रोजेक्टर लगाया जाएगा। कोर्ट में हाजिरी के लिए मोबाइल एप का इस्तेेमाल होगा।
विज्ञापन
कोरोना से बचाव के बीच में ही न्यायिक कार्य होने हैं, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बदलाव करने जरूरी हैं। कौन से और क्या सुधार हो सकते हैं? इस पर विचार चल रहा है। - ईशान प्रताप सिंह, एसडीएम सदर
विज्ञापन