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प्राइवेट अस्पताल में भी ले सकते हैं पुराने नोट
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 17 Nov 2016 01:23 AM IST
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Private hospitals may also old notes
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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नोटबंदी की समस्या से सबसे ज्यादा परेशान प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम में इलाज क राने वाले मरीज हैं। हालांकि मेडिकल स्टोर पर 500 और हजार के पुराने नोट चलाने की अनुमति दे दी गई, लेकिन इससे दिक्कत खत्म नहीं हुई है। इसलिए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरुण कुमार सिन्हा की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि एडी हेल्थ और सीएमओ प्राइवेट डॉक्टराें और आईएमए से बैठक कर व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। वहीं, संदेश मिलते ही एडी हेल्थ ने सभी जिले के सीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि वे निजी डॉक्टरों को बताएं कि 500 और हजार के पुराने नोट वे ले सकते हैं।
एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा ने पत्र में कहा है कि प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरुण कुमार सिन्हा की ओर से वाट्सएप पर मैसेज मिला है कि प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक में जिन मरीजाें का इलाज चल रहा है उनको नोट के चक्कर में दिक्कत न सहनी पड़े। उन्हाेंने संदेश में कहा है कि मीडिया से मिली खबराें के अनुसार प्राइवेट अस्पताल और डॉक्टर पुराने नोट नहीं ले रहे हैं जिससे परेशानी हो रही है। जबकि संकट की घड़ी में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए अस्पताल पुराने नोट ले सकते हैं। बशर्ते अस्पताल और डॉक्टर मरीज और नोट की पूरी डिटेल अपने पास रखें। मरीज और तीमारदारों की आईडी भी जमा करवाएं।
स्वाइप मशीन भी लगवाएं डॉक्टर
एडी हेल्थ ने कहा है कि निजी डॉक्टर अपनी क्लीनिक और अस्पताल में जल्द से जल्द स्वाइप मशीन लगाए, साथ ही मरीजों को इससे भुगतान की प्रक्रिया की भी जानकारी दें ताकि कोई दिक्कत न हो।
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मेडिसिटी में नहीं लिये पैसे, सीएमओ टीम दौड़ी
मेडिसिटी अस्पताल में 500 और हजार के नोट न लिये जाने की शिकायत मरीज ने डीएम से की। उन्हाेंने तुरंत सीएमओ को टीम भेजकर स्थिति जानने को कहा। एसीएमओ डॉ. आलोक चंद्रा और संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. डीपी सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मेडिकल स्टोर और अस्पताल प्रशासन को प्रमुख सचिव के निर्देश के बारे में बताया।
प्रमुख सचिव से प्राप्त निर्देश के बाद सभी सीएमओ को कहा गया है कि वे आईएमए और प्राइवेट डॉक्टराें के साथ बैठक कर यह जानकारी दें कि वे पुराने नोट ले सकते हैं। केवल मरीज की आईडी और डिटेल जरूर रखें।
डॉ. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ
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एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा ने पत्र में कहा है कि प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अरुण कुमार सिन्हा की ओर से वाट्सएप पर मैसेज मिला है कि प्राइवेट अस्पताल और क्लीनिक में जिन मरीजाें का इलाज चल रहा है उनको नोट के चक्कर में दिक्कत न सहनी पड़े। उन्हाेंने संदेश में कहा है कि मीडिया से मिली खबराें के अनुसार प्राइवेट अस्पताल और डॉक्टर पुराने नोट नहीं ले रहे हैं जिससे परेशानी हो रही है। जबकि संकट की घड़ी में किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए अस्पताल पुराने नोट ले सकते हैं। बशर्ते अस्पताल और डॉक्टर मरीज और नोट की पूरी डिटेल अपने पास रखें। मरीज और तीमारदारों की आईडी भी जमा करवाएं।
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स्वाइप मशीन भी लगवाएं डॉक्टर
एडी हेल्थ ने कहा है कि निजी डॉक्टर अपनी क्लीनिक और अस्पताल में जल्द से जल्द स्वाइप मशीन लगाए, साथ ही मरीजों को इससे भुगतान की प्रक्रिया की भी जानकारी दें ताकि कोई दिक्कत न हो।
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मेडिसिटी में नहीं लिये पैसे, सीएमओ टीम दौड़ी
मेडिसिटी अस्पताल में 500 और हजार के नोट न लिये जाने की शिकायत मरीज ने डीएम से की। उन्हाेंने तुरंत सीएमओ को टीम भेजकर स्थिति जानने को कहा। एसीएमओ डॉ. आलोक चंद्रा और संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. डीपी सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मेडिकल स्टोर और अस्पताल प्रशासन को प्रमुख सचिव के निर्देश के बारे में बताया।
प्रमुख सचिव से प्राप्त निर्देश के बाद सभी सीएमओ को कहा गया है कि वे आईएमए और प्राइवेट डॉक्टराें के साथ बैठक कर यह जानकारी दें कि वे पुराने नोट ले सकते हैं। केवल मरीज की आईडी और डिटेल जरूर रखें।
डॉ. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ