{"_id":"577960624f1c1b72027f9b81","slug":"prison-may-send-comments-on-social-networking-sites","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल साइट्स पर टिप्पणी भिजवा सकती है जेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल साइट्स पर टिप्पणी भिजवा सकती है जेल
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Mon, 04 Jul 2016 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
व्हाट्सअप कई मामलों में सुविधाजनक है लेकिन इसके प्रयोग में अगर सावधानी नहीं बरती तो यह आपको बेवजह मुसीबत में भी डाल सकता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर टिप्पणी कर दो वीडियो के निलंबन की खलबली दिनभर बनी रही।
जाने अनजाने कई बार सोशल साइट्स पर पोस्ट कर तमाम लोग फंस चुके हैं। हाल में ही धार्मिक टिप्पणी पर नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में दो लोग जेल भी जा चुके हैं।
खासतौर पर धार्मिक और नेताओं पर ऐसी तमाम पोस्ट किसी न किसी व्हाट्सएप ग्रुप में आती रहती हैं। शनिवार को ऐसी ही एक पोस्ट को ग्रुप में डालकर दो ग्राम विकास अधिकारी मुसीबत में फंस चुके हैं। अब उन पर सरकारी सेवा से बर्खास्तगी की तलवार लटकी हुई है। इनमें से एक ने किसी और ग्रुप पर आई राजनीतिक पोस्ट को एक ग्रुप में डाला और दूसरे ने उसका समर्थन करते हुए वेरी नाइस लिख दिया। जबकि इन दोनों को ही नहीं मालूम कि वह पोस्ट किसने बनाई लेकिन उसको आगे बढ़ाने में दोनों ही फंस गए। इस पोस्ट में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के अलावा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव तथा कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।
विज्ञापन
बरतें सावधानी
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी तमाम पोस्ट विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में इन दिनों चल रही हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे पोस्टों की बाढ़ आ सकती है लेकिन व्हाट्सएप यूजर को किसी भी प्रकार की मुश्किलों का सामना करने से बचने के लिए इनको आगे बढ़ाने से बचना चाहिए। सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाले और किसी न किसी धर्म पर टिप्पणी करने वाले पोस्ट भी व्हाट्सएप ग्रुपों में आगे बढ़ाए जा रहे हैं लेकिन यह नहीं सोचना चाहिए कि जिस ग्रुप में आप उसको आगे बढ़ाएंगे, वह किसी के संज्ञान में नहीं आएंगे या फिर कोई कार्रवाई के लिए शिकायत नहीं करेगा। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता भले ही उस ग्रुप का मेंबर न हो लेकिन अगर वह ऐसी कोई शिकायत करता है तो भी कार्रवाई की जाएगी।
कोट...
कानूनी राय
किसी पर मानहानिकारक, आपत्तिजनक और अनर्गल टिप्पणी करना या फिर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाला अथवा अश्लीलता प्रदर्शित करने वाली बात सार्वजनिक तौर पर लिखना, बोलना और प्रचारित करना कानूनन जुर्म है। ऐसे मामलों में पुलिस को आईपीसी की धाराओं में मुकदमा लिखने का अधिकार है। कोई भी इस पर आपत्ति करके मुकदमा कायम करा सकता है और यह मामले संज्ञेय तथा गैरजमानतीय भी हैं।
-मोहम्मद खालिद जिलानी, अधिवक्ता
व्हाट्सअप ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट पर अगर कोई मुकदमा दर्ज कराता है तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। बेहतर हो कि लोग व्हाट्सअप पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी से बचें।
-आरके भारद्वाज, एसएसपी
विज्ञापन
जाने अनजाने कई बार सोशल साइट्स पर पोस्ट कर तमाम लोग फंस चुके हैं। हाल में ही धार्मिक टिप्पणी पर नवाबगंज और फतेहगंज पश्चिमी में दो लोग जेल भी जा चुके हैं।
विज्ञापन
खासतौर पर धार्मिक और नेताओं पर ऐसी तमाम पोस्ट किसी न किसी व्हाट्सएप ग्रुप में आती रहती हैं। शनिवार को ऐसी ही एक पोस्ट को ग्रुप में डालकर दो ग्राम विकास अधिकारी मुसीबत में फंस चुके हैं। अब उन पर सरकारी सेवा से बर्खास्तगी की तलवार लटकी हुई है। इनमें से एक ने किसी और ग्रुप पर आई राजनीतिक पोस्ट को एक ग्रुप में डाला और दूसरे ने उसका समर्थन करते हुए वेरी नाइस लिख दिया। जबकि इन दोनों को ही नहीं मालूम कि वह पोस्ट किसने बनाई लेकिन उसको आगे बढ़ाने में दोनों ही फंस गए। इस पोस्ट में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के अलावा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव तथा कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है।
विज्ञापन
बरतें सावधानी
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी तमाम पोस्ट विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में इन दिनों चल रही हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऐसे पोस्टों की बाढ़ आ सकती है लेकिन व्हाट्सएप यूजर को किसी भी प्रकार की मुश्किलों का सामना करने से बचने के लिए इनको आगे बढ़ाने से बचना चाहिए। सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाले और किसी न किसी धर्म पर टिप्पणी करने वाले पोस्ट भी व्हाट्सएप ग्रुपों में आगे बढ़ाए जा रहे हैं लेकिन यह नहीं सोचना चाहिए कि जिस ग्रुप में आप उसको आगे बढ़ाएंगे, वह किसी के संज्ञान में नहीं आएंगे या फिर कोई कार्रवाई के लिए शिकायत नहीं करेगा। पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता भले ही उस ग्रुप का मेंबर न हो लेकिन अगर वह ऐसी कोई शिकायत करता है तो भी कार्रवाई की जाएगी।
कोट...
कानूनी राय
किसी पर मानहानिकारक, आपत्तिजनक और अनर्गल टिप्पणी करना या फिर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाला अथवा अश्लीलता प्रदर्शित करने वाली बात सार्वजनिक तौर पर लिखना, बोलना और प्रचारित करना कानूनन जुर्म है। ऐसे मामलों में पुलिस को आईपीसी की धाराओं में मुकदमा लिखने का अधिकार है। कोई भी इस पर आपत्ति करके मुकदमा कायम करा सकता है और यह मामले संज्ञेय तथा गैरजमानतीय भी हैं।
-मोहम्मद खालिद जिलानी, अधिवक्ता
व्हाट्सअप ग्रुप में आपत्तिजनक पोस्ट पर अगर कोई मुकदमा दर्ज कराता है तो पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। बेहतर हो कि लोग व्हाट्सअप पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी से बचें।
-आरके भारद्वाज, एसएसपी