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Bareilly News: आलू-प्याज ने बिगाड़ा बजट, बैंगन ने लगाया महंगाई का छक्का
Tue, 08 Sep 2026 02:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 08 Sep 2026 02:31 AM IST
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बरेली। बारिश के कारण खेतों में जलभराव होने से सब्जियों की आवक घटी है और दाम आसमान छूने लगे हैं। थोक मंडी में आलू व प्याज की कीमतें करीब डेढ़ गुना पहुंच गई हैं। इसने आम आदमी के बजट को बिगाड़ दिया है। बैंगन छह गुना महंगा हो गया है। शिमला मिर्च, गोभी और अन्य हरी सब्जियों की कीमतों में भी उछाल आया है।
शहर की डेलापीर थोक मंडी में इन दिनों दिल्ली, हरियाणा और नासिक से सब्जियों की आवक कम हो गई है। अधिकतर ट्रक रास्तों के फंसे हुए है या देरी से पहुंच रहे हैं। बदायूं और कासगंज जैसे नजदीकी जिलों से आने वाली हरी सब्जियों की फसलें खेतों में पानी भरने के कारण डूब गई हैं। फसल खराब होने का सीधा असर महंगाई के रूप में देखने को मिल रहा है।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, अगस्त के मुकाबले सितंबर में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। मौसम की इस मार और महंगाई के दोहरे संकट से आम नागरिकों के लिए घर चलाना बेहद कठिन हो गया है। आने वाले दिनों में भी सब्जियों के दाम कम होने की उम्मीद नहीं है।
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फसलें खराब, देरी से पहुंच रहे ट्रक
सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं। कई जगह बारिश के कारण फसलें खराब हो रही हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ा है। - सलीम खान, कारोबारी
अन्य राज्यों से आने वाले ट्रक मंडी में देरी से पहुंच रहे हैं और माल भी कम आ रहा है। इससे दाम में तेजी है। - सुजाउर रहमान, कारोबारी
सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई के बजट पर असर पड़ा है। घर के बाहर सब्जी बेचने आने वाले विक्रेता अधिक दाम लेते हैं। - जूही, गृहिणी
सब्जियों के दाम
सब्जी अगस्त सितंबर
आलू 10 15
प्याज 25 40
बैंगन 5 30
करेला 10 20
शिमला 30 50
फूलगोभी 15 40
हरी मिर्च 15 35
तोरई 15 40
लौकी 11 21
नोट : सभी दाम डेलापीर थोक मंडी के अनुसार रुपये प्रतिकिलो में हैं।
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शहर की डेलापीर थोक मंडी में इन दिनों दिल्ली, हरियाणा और नासिक से सब्जियों की आवक कम हो गई है। अधिकतर ट्रक रास्तों के फंसे हुए है या देरी से पहुंच रहे हैं। बदायूं और कासगंज जैसे नजदीकी जिलों से आने वाली हरी सब्जियों की फसलें खेतों में पानी भरने के कारण डूब गई हैं। फसल खराब होने का सीधा असर महंगाई के रूप में देखने को मिल रहा है।
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स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, अगस्त के मुकाबले सितंबर में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं। मौसम की इस मार और महंगाई के दोहरे संकट से आम नागरिकों के लिए घर चलाना बेहद कठिन हो गया है। आने वाले दिनों में भी सब्जियों के दाम कम होने की उम्मीद नहीं है।
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फसलें खराब, देरी से पहुंच रहे ट्रक
सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं। कई जगह बारिश के कारण फसलें खराब हो रही हैं, जिससे कीमतों पर असर पड़ा है। - सलीम खान, कारोबारी
अन्य राज्यों से आने वाले ट्रक मंडी में देरी से पहुंच रहे हैं और माल भी कम आ रहा है। इससे दाम में तेजी है। - सुजाउर रहमान, कारोबारी
सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई के बजट पर असर पड़ा है। घर के बाहर सब्जी बेचने आने वाले विक्रेता अधिक दाम लेते हैं। - जूही, गृहिणी
सब्जियों के दाम
सब्जी अगस्त सितंबर
आलू 10 15
प्याज 25 40
बैंगन 5 30
करेला 10 20
शिमला 30 50
फूलगोभी 15 40
हरी मिर्च 15 35
तोरई 15 40
लौकी 11 21
नोट : सभी दाम डेलापीर थोक मंडी के अनुसार रुपये प्रतिकिलो में हैं।