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जिनके पास गाड़ी-बंगला, उन्हें दे दिए लोहिया आवास
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:52 AM IST
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मनरेगा के बाद अब मझगवां ब्लाक के बसंतपुर समग्र गांव में लोहिया आवास के 1.47 करोड़ का गोलमाल का खुलासा एसडीएम आंवला, जिला सहायक निबंधक (सहकारिता) इंद्रवीर और डीएसटीओ की संयुक्त जांच में हुआ है। इस गांव को 59 लोहिया आवास दिए गए थे जिनमें 42 आवास उन्हें दे दिए गए जिनके पास ट्रैक्टर, गाड़ी और खुद का घर है।
अधिकारियों की टीम दो दिन पहले बसंतपुर गांव में गई थी। वहां पर सभी लाभार्थी के घरों की पड़ताल की। उनके साथ राजस्व निरीक्षक भी थे, जिन्होंने गांव के लोगों के नाम जमीन की खसरा खतौनी को भी दिखाया। जिसमें पुष्टि हो गई कि ये वही लोग हैं जिनकेपास पक्केमकान। उनकेया परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से 20-20 बीघा खेत हैं। घरों में ट्रैक्टर, बाइक सहित सुख सुविधाएं हैं। ऐसे 42 लोगों के मकान आवंटन निरस्त कर दिए गए हैं। बैंकों को जारी की गई पहली किश्त के 57.12 लाख रुपये की निकासी पर रोक लगा दी है।
दो सप्ताह पहले गांव के कुछ लोगों ने बिना नाम के शिकायतीपत्र डीएम के पास भेजा था। जिसको जांच के लिए भेजा गया। जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंचायत सचिव, प्रधान और ब्लाक के अधिकारियो की मिली भगत उनसे 50-50 रुपये लेकर
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अपात्रों को मकान स्वीकृत कर दिए हैं। इस शिकायत को डीएम ने गंभीरता से लिया और एसडीएम आंवला की अध्यक्षता में तीन अधिकारियों की जांच टीम बनाई। इस जांच टीम ने शिकायती पत्र में लगाए सभी आरोप लगभग सही पाए हैं। उसी केआधार पर यह कार्रवाई की गई है।
ये हैं अपात्र
अनीता पत्नी मुकेश, नत्थोे देवी पत्नी पप्पू, पार्वती पत्नी रूम पाल, रेखा कुमारी पत्नी भालू राम, रेखा देवी पत्नी लक्ष्मन प्रसाद, राजवती पत्नी कृष्ण पाल, सत्यवती पत्नी भूपेंद्र, मंजू देवी पत्नी नरेश, पुष्पा पत्नी सूरजपाल, मीरा पत्नी महरवान, संतोषी पत्नी गोपाली, गोविंद राम पुत्र जोगराज, रामनवी पुत्र मलखान आदि।
दोषी कौन, जिम्मेदारी तय होगी
-जांच टीम ने अपात्रों का खुलासा करके बैंकों में भेजी गई पहली किश्त पर रोक तो लगवा दी है। अब अपात्रों का चयन करने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों का चिह्नांकन करने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश डीएम से की जाएगी।
‘सरकारी धनराशि का गोलमाल होने से पहले पकड़ा है। बैंकों में भी रोक लगा दी है, अब दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। गलत लोगों का चयन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी’ गौरव दयाल, डीएम
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अधिकारियों की टीम दो दिन पहले बसंतपुर गांव में गई थी। वहां पर सभी लाभार्थी के घरों की पड़ताल की। उनके साथ राजस्व निरीक्षक भी थे, जिन्होंने गांव के लोगों के नाम जमीन की खसरा खतौनी को भी दिखाया। जिसमें पुष्टि हो गई कि ये वही लोग हैं जिनकेपास पक्केमकान। उनकेया परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से 20-20 बीघा खेत हैं। घरों में ट्रैक्टर, बाइक सहित सुख सुविधाएं हैं। ऐसे 42 लोगों के मकान आवंटन निरस्त कर दिए गए हैं। बैंकों को जारी की गई पहली किश्त के 57.12 लाख रुपये की निकासी पर रोक लगा दी है।
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दो सप्ताह पहले गांव के कुछ लोगों ने बिना नाम के शिकायतीपत्र डीएम के पास भेजा था। जिसको जांच के लिए भेजा गया। जिसमें आरोप लगाया गया था कि पंचायत सचिव, प्रधान और ब्लाक के अधिकारियो की मिली भगत उनसे 50-50 रुपये लेकर
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अपात्रों को मकान स्वीकृत कर दिए हैं। इस शिकायत को डीएम ने गंभीरता से लिया और एसडीएम आंवला की अध्यक्षता में तीन अधिकारियों की जांच टीम बनाई। इस जांच टीम ने शिकायती पत्र में लगाए सभी आरोप लगभग सही पाए हैं। उसी केआधार पर यह कार्रवाई की गई है।
ये हैं अपात्र
अनीता पत्नी मुकेश, नत्थोे देवी पत्नी पप्पू, पार्वती पत्नी रूम पाल, रेखा कुमारी पत्नी भालू राम, रेखा देवी पत्नी लक्ष्मन प्रसाद, राजवती पत्नी कृष्ण पाल, सत्यवती पत्नी भूपेंद्र, मंजू देवी पत्नी नरेश, पुष्पा पत्नी सूरजपाल, मीरा पत्नी महरवान, संतोषी पत्नी गोपाली, गोविंद राम पुत्र जोगराज, रामनवी पुत्र मलखान आदि।
दोषी कौन, जिम्मेदारी तय होगी
-जांच टीम ने अपात्रों का खुलासा करके बैंकों में भेजी गई पहली किश्त पर रोक तो लगवा दी है। अब अपात्रों का चयन करने वाले दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों का चिह्नांकन करने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश डीएम से की जाएगी।
‘सरकारी धनराशि का गोलमाल होने से पहले पकड़ा है। बैंकों में भी रोक लगा दी है, अब दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। गलत लोगों का चयन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी’ गौरव दयाल, डीएम