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सिद्धांतहीन मतदान से दूषित होती है राजनीति : बंसल
Mon, 28 Apr 2025 01:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 28 Apr 2025 01:58 AM IST
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बरेली। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल ने कहा कि ‘एक देश-एक चुनाव’ से परिवारवाद पर अंकुश लगेगा। मतदान प्रतिशत बढ़ेगा। विकासशील सरकार बनेगी और देश मजबूत होगा। बार-बार चुनाव होने से 40 फीसदी मतदाता वोट नहीं डालते। ऐसे में सिद्धांत विहीन मतदान की आशंका बढ़ती है। इससे सिद्धांतहीन राजनीति का जन्म होने की आशंका रहती है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल रविवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर साल भारत में कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं। सभी चुनाव एक साथ होंगे तो एक परिवार के एक व्यक्ति को मौका मिलेगा।
इससे परिवारवाद थमेगा। राष्ट्रीय समेत क्षेत्रीय पार्टियां इसीलिए विरोध कर रही हैं, क्योंकि उनका पूरा परिवार चुनाव लड़ता है। सपा, कांग्रेस के मुखिया के परिजन अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं। एक चुनाव कराकर इनकी टीम दूसरे चुनाव के लिए जुटती है। उसमें भी इन्हीं के परिजन लड़ते हैं। इससे नए लोगों को अवसर नहीं मिलता।
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बताया कि लोकतंत्र में 60 फीसदी मतदाता ही मत का प्रयोग करते हैं। इसमें से जो दल 30 फीसदी मत हासिल करता है, वह सरकार बनाता है। अगर देश में एक चुनाव होगा तो मत प्रतिशत बढ़ेगा।
आईएमए बरेली शाखा के अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने ‘एक देश-एक चुनाव’ के पक्ष में सहमति पत्र भी सौंपा।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने भी इसके पक्ष में राष्ट्रपति को संबोधित पत्र सौंपा। नीमा, बार एसोसिएशन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, धार्मिक सेवा समिति, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, एनजीओ, शिक्षक संगठन आदि आयोजन में शामिल रहे।
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भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल रविवार को रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर साल भारत में कहीं न कहीं चुनाव होते रहते हैं। सभी चुनाव एक साथ होंगे तो एक परिवार के एक व्यक्ति को मौका मिलेगा।
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इससे परिवारवाद थमेगा। राष्ट्रीय समेत क्षेत्रीय पार्टियां इसीलिए विरोध कर रही हैं, क्योंकि उनका पूरा परिवार चुनाव लड़ता है। सपा, कांग्रेस के मुखिया के परिजन अलग-अलग चुनाव लड़ते हैं। एक चुनाव कराकर इनकी टीम दूसरे चुनाव के लिए जुटती है। उसमें भी इन्हीं के परिजन लड़ते हैं। इससे नए लोगों को अवसर नहीं मिलता।
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बताया कि लोकतंत्र में 60 फीसदी मतदाता ही मत का प्रयोग करते हैं। इसमें से जो दल 30 फीसदी मत हासिल करता है, वह सरकार बनाता है। अगर देश में एक चुनाव होगा तो मत प्रतिशत बढ़ेगा।
आईएमए बरेली शाखा के अध्यक्ष डॉ. आरके सिंह ने ‘एक देश-एक चुनाव’ के पक्ष में सहमति पत्र भी सौंपा।
उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता ने भी इसके पक्ष में राष्ट्रपति को संबोधित पत्र सौंपा। नीमा, बार एसोसिएशन, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिशन, चैंबर ऑफ कॉमर्स, धार्मिक सेवा समिति, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, एनजीओ, शिक्षक संगठन आदि आयोजन में शामिल रहे।