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अग्निपथ योजना में नीतिगत तथ्यों पर अपना पक्ष रखे सरकार : वरुण
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पीलीभीत। अपनी ही सरकार पर लगातार हमलावर रहे सांसद वरुण गांधी ने इस बार अग्निपथ योजना को लेकर सरकार से स्थिति साफ करने को कहा है। वरुण ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को ट्वीट करते हुए योजना के नीतिगत तथ्यों पर अपना पक्ष रखने की मांग की है।
सांसद ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर देश के युवाओं के मन में कई सवाल हैं। युवाओं को असमंजस की स्थिति से बाहर निकालने के लिए सरकार अतिशीघ्र योजना से जुड़े नीतिगत तथ्यों को सामने रख कर अपना पक्ष साफ करे। ताकि देश की युवा ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग सही दिशा में हो सके। कहा कि सेना में 15 वर्ष नौकरी कर रिटायर हुए नियमित सैनिकों को भी सेवा में लेने के मामले में कारपोरेट जगत रुचि नहीं दिखाता है। ऐसे में चार वर्ष की अल्पसेवा के बाद इन अग्निवीरों का क्या होगा। वेतनमान कम होने से इन अग्निवीरों को परिवार चलाने में दिक्कत आएगी। स्पेशल ऑपरेशन के दौरान विशेष ट्रेनिंग वाले सैनिकों की जरूरत होती है। ऐसे में छह महीने की बेसिक ट्रेनिंग वाले इन सैनिकों से रेजिमेंट की बेसिक रेजिमेंटल संरचना प्रभावित हो सकती है। इस योजना में युवाओं में 75 प्रतिशत हर चार वर्ष में बेरोजगार हो जाएंगे। यह संख्या प्रति वर्ष बढ़ेगी और असंतोष भी पैदा होगा। उन्होंने पत्र में उन युवाओं के बारे में भी सोचने का सुझाव दिया है, जो कोरोना की वजह से दो वर्ष भर्ती न होने के कारण अपनी भर्ती वाली उम्र पार कर चुके हैं।
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सांसद ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर देश के युवाओं के मन में कई सवाल हैं। युवाओं को असमंजस की स्थिति से बाहर निकालने के लिए सरकार अतिशीघ्र योजना से जुड़े नीतिगत तथ्यों को सामने रख कर अपना पक्ष साफ करे। ताकि देश की युवा ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग सही दिशा में हो सके। कहा कि सेना में 15 वर्ष नौकरी कर रिटायर हुए नियमित सैनिकों को भी सेवा में लेने के मामले में कारपोरेट जगत रुचि नहीं दिखाता है। ऐसे में चार वर्ष की अल्पसेवा के बाद इन अग्निवीरों का क्या होगा। वेतनमान कम होने से इन अग्निवीरों को परिवार चलाने में दिक्कत आएगी। स्पेशल ऑपरेशन के दौरान विशेष ट्रेनिंग वाले सैनिकों की जरूरत होती है। ऐसे में छह महीने की बेसिक ट्रेनिंग वाले इन सैनिकों से रेजिमेंट की बेसिक रेजिमेंटल संरचना प्रभावित हो सकती है। इस योजना में युवाओं में 75 प्रतिशत हर चार वर्ष में बेरोजगार हो जाएंगे। यह संख्या प्रति वर्ष बढ़ेगी और असंतोष भी पैदा होगा। उन्होंने पत्र में उन युवाओं के बारे में भी सोचने का सुझाव दिया है, जो कोरोना की वजह से दो वर्ष भर्ती न होने के कारण अपनी भर्ती वाली उम्र पार कर चुके हैं।
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