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प्रभारी मंत्री के पैरों पर गिरी बिजलीकर्मी की बेवा- साहब न नौकरी दी न मुआवजा
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बरेली। समीक्षा बैठक के बाद विकास भवन सभागार से बाहर निकलते ही प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के एक विधवा ने पैर पकड़ लिए। बच्चों के साथ आई महिला का पति पावर कॉरपोरेशन में संविदा लाइनमैन था। ड्यूटी के दौरान करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी। मंत्री के सामने वह फूट-फूटकर रोते हुए बोली- मुझे नौकरी दिला दो, इन छोटे-छोटे बच्चों का पेट कैसे पालूं। दो साल से भटक रही हूं, अधिकारी सुन नहीं रहे। कई कागजों पर अंगूठा लगवा चुके हैं पर अब तक न नौकरी दी न मुआवजा।
हरूनगला के संविदा लाइनमैन मूलचंद की दो साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। तबसे उसकी पत्नी शकुंतला चार छोटे-छोटे बच्चों को लिए नौकरी के लिए भटक रही है। अधिकारी कहते हैं कि जिस कंपनी ने काम दिया था, वह महिलाओं को नौकरी पर रखती ही नहीं है। प्रभारी मंत्री के सामने अधिकारियों ने कहा कि मुआवजा के लिए कागज पूरे नहीं है तो महिला बोली कि और कितने कागजों पर अंगूठा लगवाओगे। मंत्री ने महिला का प्रार्थनापत्र लेकर अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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हरूनगला के संविदा लाइनमैन मूलचंद की दो साल पहले करंट लगने से मौत हो गई थी। तबसे उसकी पत्नी शकुंतला चार छोटे-छोटे बच्चों को लिए नौकरी के लिए भटक रही है। अधिकारी कहते हैं कि जिस कंपनी ने काम दिया था, वह महिलाओं को नौकरी पर रखती ही नहीं है। प्रभारी मंत्री के सामने अधिकारियों ने कहा कि मुआवजा के लिए कागज पूरे नहीं है तो महिला बोली कि और कितने कागजों पर अंगूठा लगवाओगे। मंत्री ने महिला का प्रार्थनापत्र लेकर अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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