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Bareilly News: पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने आतंकवाद को लेकर कांग्रेस पर किया सियासी वार, जानिए क्या कहा
Tue, 20 May 2025 08:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 20 May 2025 08:04 AM IST
सार
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र सोमवार को बरेली पहुंचे। वह यहां मीडिया से मुखातिब हुए। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।
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पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने आतंकवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। बोले, अगर पूर्व की सरकारों ने आतंकवाद रोकने की कोशिश की होती तो आज ऐसी स्थिति नहीं होती। आपरेशन सिंदूर ही नहीं, पीएम मोदी के नेतृत्व में पहले भी देश की सेनाओं ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के मुद्दे पर कहा कि सरकार जिन्हें सक्षम मानती है, उन्हें ऐसे प्रतिनिधिमंडल में शामिल करती है। शशि थरूर योग्य हैं।
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उन्होंने विभिन्न देशों में रहकर कूटनीतिक तरीके से भारत का पक्ष रखा है। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। पाकिस्तान अगर हकरत करेगा तो उसे करारा जवाब दिया जाएगा। अगर पाकिस्तान से कोई वार्ता होती है तो आतंकवाद और पीओके ही मुख्य एजेंडा होगा। भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कोई मध्यस्थता स्वीकार नहीं होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता से इन्कार किया है। अब संसदीय दल 33 से अधिक देशों में जाकर पाकिस्तान के झूठ की पोल खोलेगा।
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एक देश-एक चुनाव को बताया जरूरी
उन्होंने कहा कि वन नेशन-वन इलेक्शन आवश्यक है। बार-बार चुनाव से विकास कार्य प्रभावित होते हैं। वर्ष 1967 तक एक साथ चुनाव होते रहे हैं। वर्ष 1972 के चुनाव तत्कालीन प्रधानमंत्री ने एक साल पहले 1971 में करा दिया था। यहीं से चुनाव का क्रम खराब हुआ। अगर 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है तो एक देश एक चुनाव को अपनाना ही होगा। वार्ता में मंत्री धर्मपाल सिंह, सांसद छत्रपाल गंगवार साथ रहे।
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जातिगत जनगणना पर दी सफाई
जातिगत जनगणना पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी इसका विरोध नहीं किया। कुछ लोग अलगाववाद के लिए जातिगत जनगणना की मांग कर रहे थे, जो उचित नहीं है। एक बार अगर जातिगत जनगणना से पता चल जाए कि किसकी कितनी संख्या है तो इसमें कोई हर्ज भी नहीं है।
जातिगत जनगणना पर उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी इसका विरोध नहीं किया। कुछ लोग अलगाववाद के लिए जातिगत जनगणना की मांग कर रहे थे, जो उचित नहीं है। एक बार अगर जातिगत जनगणना से पता चल जाए कि किसकी कितनी संख्या है तो इसमें कोई हर्ज भी नहीं है।