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पुलिस-प्रशासन ने बनाया सुरक्षा का खाका
बरेली
Updated Fri, 12 Jun 2015 01:25 AM IST
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कुतुबखाना मस्जिद विवाद जल्द निपटाने के आश्वासन पर खानदान-ए-आला हजरत द्वारा 15 जून को नमाज का फैसला टाल देने के बाद भी सुरक्षा का कड़ा पहरा रहेगा। पुलिस-प्रशासन ने इसके लिए खाका तैयार करना शुरू कर दिया है।
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नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम मियां के पंद्रह जून को कुतुबखाना मस्जिद में नमाज पढ़ने का ऐलान करने के बाद से पुलिस-प्रशासन टेंशन में आ गया था। डीएम इस विवाद को लेकर बेहद गंभीर हैं। दोनों मसलकों के लोगों के कागज ले लिए गए हैं। शासन के आला अधिकारी भी इस विवाद का हल निकालने पर जोर दे रहे हैं। अफसर भी यही चाहते हैं कि कोई बीच का रास्ता निकल आए। लेकिन डीएम अभी तक इस मामले में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं। दरगाह आला हजरत से पूर्व सज्जादानशीन के आवास पर उनके खानदान के लोगों की बैठक में फैसला 15 जून को मस्जिद में नमाज पढ़ने का फैसला टलने के बाद पुलिस-प्रशासन को थोड़ी राहत जरूर मिली है। लेकिन टेंशन अभी भी बरकरार है।
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सुब्हानी मियां कीमाहे रमजान से पहले मस्जिद बरेलवी मसलक के लोगों के हवाले किया जाने की मांग पुलिस-प्रशासन के टेंशन की सबसे बड़ी वजह बन गई है। इससे पहले प्रशासन किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा तो मुश्किल फिर से बढ़ सकती है। इसलिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मस्जिद की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं। सीओ सिटी प्रथम मुकुल द्विवेदी ने बताया कि मस्जिद की सुरक्षा में फोर्स तैनात है। पंद्रह जून को मस्जिद की सुरक्षा के लिए बाहर से फोर्स मंगाई जा रही है। पीएसी की एक कंपनी और मांगी गई है।
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