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शाहदाना वली दरगाह में फंसे मरीज पुलिस ने घर भिजवाए

Sat, 04 Apr 2020 12:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 04 Apr 2020 12:04 AM IST
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Police trapped in Shahdana Wali Dargah sent home
शाहदाना वली साहब की मजार पर मौजूद पुलिस कर्मी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

लॉकडाउन की वजह से फंस गए थे, परिवारों को साथ ले जाने की दी अनुमति
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दिन में डीएम और एसएसपी ने किया दरगाह का निरीक्षण

बरेली। लॉकडाउन लागू होते ही पुलिस ने शहर के सभी सार्वजनिक स्थलों को खाली करा लिया था। शाहदाना वली दरगाह में कुछ असहाय मरीज रह गए थे, जिन्हें पुलिस प्रशासन ने उनके परिवार को बुलाकर गुरुवार देर रात घर भिजवा दिया। शुक्रवार को डीएम और एसएसपी ने दरगाह परिसर का जायजा भी लिया।
श्यामगंज चौराहे से बारादरी थाना रोड पर बनी शाहदाना वली की दरगाह पर रूहानी इलाज के लिए हमेशा हजारों लोगों की भीड़ रहती है। लॉकडाउन के बाद यहां से लोगों को निकाल दिया गया था। दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां ने 25 मार्च को प्रशासन को दरगाह के अंदरूनी हिस्से में तालाबंदी और मरीजों के निकालने की सूचना दे दी थी। उन्होंने पत्रकारों को भी बताया था कि अब कोई नई अर्जी नहीं ली जा रही है और बरसों से दरगाह परिसर में रह रहे मानसिक बीमार लोगों के परिवारों को भी पुलिस प्रशासन से बात करके उनके घर भेजा जाएगा। गिनेचुने परिवारों के करीब सौ लोग दरगाह के बाहरी हिस्से में रुके थे। इन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के साथ भोजन व अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही थीं।
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गुरुवार आधी रात में पुलिस और दरगाह प्रबंधन ने इन लोगों को इनके घर भिजवा दिया। इनमें से अधिकांश लोग जोगी नवादा, पुराना शहर, मलूकपुर, बानखाना मोहल्लों व जिले के ही कस्बों के थे। सिर्फ पांच-छह लोग ही शाहजहांपुर, पीलीभीत व पड़ोसी जिलों के थे। इन लोगों के घर जाने का इंतजाम दरगाह ने ही कराया। सीओ थर्ड अभिषेक वर्मा बारादरी थाने की टीम के साथ यहां मौजूद रहे।
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मरीजों की बिगड़ने लगी हालत

दरगाह शाहदाना वली में रुके ज्यादातर लोग यहां रूहानी और मानसिक इलाज कराने वाले थे। बाकी इनके तीमारदार थे। कुछ लोग तो यहां सात से आठ साल से रुके हुए थे। पुलिस के मुताबिक दरगाह खाली कराने के बाद कुछ लोगों के फोन दरगाह प्रबंधन और पुलिस के पास आने लगे हैं। लोगों का कहना था कि इलाज न मिलने के कारण अब उनकी हालत दोबारा बिगड़ने लगी है। इन्होंने मदद की भी मांग की।
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