{"_id":"619560b8099a984a2d732ee4","slug":"police-could-not-even-locate-the-spot-bareilly-news-bly4664856174","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंधेरे में तीर चला रही पुलिस, अब तक घटना स्थल का भी पता नहीं लगा सकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंधेरे में तीर चला रही पुलिस, अब तक घटना स्थल का भी पता नहीं लगा सकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। बिटिया सुबह पौने सात बजे गांव से कोचिंग के लिए निकली थी। इसके बाद शाम पांच बजे तक घर नहीं पहुंची, तो खोजना शुरू किया गया था। गांव से पांच सौ मीटर दूर गन्ना के खेत में रात 11 बजे शव मिलने के बाद घटना स्थल को उसी स्थान को मान लिया गया लेकिन घटना स्थल पर ऐसे हालात सामने नहीं आए जिससे यह बात पुख्ता हो जाए कि इसी स्थान दुष्कर्म के बाद हत्या की गई है। क्या छात्रा को अपहरण करके कहीं ले जाया गया और दुष्कर्म व हत्या के बाद गन्ने के खेत में फेंकी गई। यह सवाल भी है? पीड़िता के पिता भी चाहते हैं कि इस सवाल पर पूरी छानबीन हो। पुलिस की टीमें भी इस सवाल पर जांच कर रहीं हैं लेकिन फिलहाल घटना स्थल उसी स्थान को माना गया है जहां लाश मिली थी।
जब बिटिया कोचिंग के लिए घर से निकली थी। तो उस समय कोहरा था। रास्ते में बिटिया के साथ किस तरह क्या हुआ। किसी को नहीं पता। घर से दो घंटे में मां से लौटने को कहकर निकली बिटिया शाम पांच बजे तक नहीं लौटी, तो परिवार वालों को चिंता हुई। खोजबीन की, पुलिस को सूचना दी। मगर पता नहीं लगा सका। इसके बाद परिवार वाले खुद बिटिया कर खोज निकले। सड़क से सटे गन्ना के खेत में बिटिया के भाई ने साइकिल देखी। कुछ आगे देखने पर बहन का शव दिखाई दिया। इस पर उसकी चीख निकल गई और परिवार वालों के आवाज लगाई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पड़ताल करने के बजाय शव को जल्दी उठाना मुनासिब समझा। पुलिस ने यह जानने की जहमत नहीं उठाई कि बिटिया के साथ घटना कहां हुई। सिर्फ बिटिया का शव उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सिर्फ बीयर की खाली बोतलों पर वहीं का घटना स्थल मान रहीं पुलिस
गन्ना के खेत में जिस जगह बिटिया का शव मिला, वहां ऐसा कुछ पुलिस के हाथ नहीं लगा जो बिटिया के साथ हुई दरिंदगी की गवाही दे सके। जबकि शव से करीब 50 कदम की दूूरी पर पुलिस के चार बीयर की खाली बोत4, नमकीन के खाली पैकेट, और अधजली सिगरेट मिली थी। इसी को लेकर पुलिस वहीं का घटना स्थल मान रहीं है। जबकि जहां शव मिला वहां पुलिस के साथ कुछ नहीं लग सका। इससे पुलिस ने भी वहीं का घटना स्थल मान लिया है।
विज्ञापन
दोपहर में हुई हत्या, तो दरिंदों ने सात घंटे बिटिया को कहां रखा
शनिवार को सुबह पौने सात बजे बिटिया घर से निकली थी। इसके बाद रात 11 बजे उसका शव गन्ने के खेत में मिला। रविवार को दोपहर में पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत 24 घंटा पहले होना आया है। पोस्टमार्टम रविवार को दोपहर दो बजे हुुआ है। ऐसे में बिटिया की मौत शनिवार को दोपहर एक से दो बजे के बीच हुई थी। जबकि बिटिया घर से सुबह सात बजे निकली थी। इस पर सवाल उठता है कि बिटिया का सात घंटे पहले अपहरण कर लिया गया। जहां शव मिला, वहां सात घंटे तक छिपाना मुश्किल है। ऐसे में बिटिया का अपहरण करके कहां रखा इस पर भी सवाल उठता है।
बिटिया का कहां हुआ अपहरण, पुलिस को नहीं पता
घर ने निकली बिटिया कहां तक पहुंची। कहां पर दरिंदों ने उसे पकड़ा। ऐेेसे सवाल सभी के जेहन में है। बरखेड़ा कसबा से एक किलोमीटर की दूरी पर बिटिया का गांव है। कसबा में घुसते ही कई प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इनकी रिकाडिंग खंगाली गई पर कोई राज नहीं खुला हैे।माना जा रहा है कि अगर बिटिया का बरखेड़ा में कहीं से अपहरण हुआ है तो रिकार्डिंग में दिख सकता है।
जहां मिला शव उस खेत से लगी सड़क पर दिन भर रहती है चहल-पहल
कसबा और गांव के बीच सड़क किनारे जिस जगह बिटिया का शव मिला है। वहां भोर से ही चहल पहल शुरू हो जाती है। कसबा को आने पर कई गांवों को रास्ता है। दिन भर लोगों की आवाजाही रहती है। खेतों पर भी काम करने वाले सुबह ही पहंच जाते है। ऐसे में जिस जगह बिटिया का शव मिला है। वह स्थान सवालिया घेरे में है।
विज्ञापन
जब बिटिया कोचिंग के लिए घर से निकली थी। तो उस समय कोहरा था। रास्ते में बिटिया के साथ किस तरह क्या हुआ। किसी को नहीं पता। घर से दो घंटे में मां से लौटने को कहकर निकली बिटिया शाम पांच बजे तक नहीं लौटी, तो परिवार वालों को चिंता हुई। खोजबीन की, पुलिस को सूचना दी। मगर पता नहीं लगा सका। इसके बाद परिवार वाले खुद बिटिया कर खोज निकले। सड़क से सटे गन्ना के खेत में बिटिया के भाई ने साइकिल देखी। कुछ आगे देखने पर बहन का शव दिखाई दिया। इस पर उसकी चीख निकल गई और परिवार वालों के आवाज लगाई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने पड़ताल करने के बजाय शव को जल्दी उठाना मुनासिब समझा। पुलिस ने यह जानने की जहमत नहीं उठाई कि बिटिया के साथ घटना कहां हुई। सिर्फ बिटिया का शव उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
सिर्फ बीयर की खाली बोतलों पर वहीं का घटना स्थल मान रहीं पुलिस
गन्ना के खेत में जिस जगह बिटिया का शव मिला, वहां ऐसा कुछ पुलिस के हाथ नहीं लगा जो बिटिया के साथ हुई दरिंदगी की गवाही दे सके। जबकि शव से करीब 50 कदम की दूूरी पर पुलिस के चार बीयर की खाली बोत4, नमकीन के खाली पैकेट, और अधजली सिगरेट मिली थी। इसी को लेकर पुलिस वहीं का घटना स्थल मान रहीं है। जबकि जहां शव मिला वहां पुलिस के साथ कुछ नहीं लग सका। इससे पुलिस ने भी वहीं का घटना स्थल मान लिया है।
विज्ञापन
दोपहर में हुई हत्या, तो दरिंदों ने सात घंटे बिटिया को कहां रखा
शनिवार को सुबह पौने सात बजे बिटिया घर से निकली थी। इसके बाद रात 11 बजे उसका शव गन्ने के खेत में मिला। रविवार को दोपहर में पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत 24 घंटा पहले होना आया है। पोस्टमार्टम रविवार को दोपहर दो बजे हुुआ है। ऐसे में बिटिया की मौत शनिवार को दोपहर एक से दो बजे के बीच हुई थी। जबकि बिटिया घर से सुबह सात बजे निकली थी। इस पर सवाल उठता है कि बिटिया का सात घंटे पहले अपहरण कर लिया गया। जहां शव मिला, वहां सात घंटे तक छिपाना मुश्किल है। ऐसे में बिटिया का अपहरण करके कहां रखा इस पर भी सवाल उठता है।
बिटिया का कहां हुआ अपहरण, पुलिस को नहीं पता
घर ने निकली बिटिया कहां तक पहुंची। कहां पर दरिंदों ने उसे पकड़ा। ऐेेसे सवाल सभी के जेहन में है। बरखेड़ा कसबा से एक किलोमीटर की दूरी पर बिटिया का गांव है। कसबा में घुसते ही कई प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इनकी रिकाडिंग खंगाली गई पर कोई राज नहीं खुला हैे।माना जा रहा है कि अगर बिटिया का बरखेड़ा में कहीं से अपहरण हुआ है तो रिकार्डिंग में दिख सकता है।
जहां मिला शव उस खेत से लगी सड़क पर दिन भर रहती है चहल-पहल
कसबा और गांव के बीच सड़क किनारे जिस जगह बिटिया का शव मिला है। वहां भोर से ही चहल पहल शुरू हो जाती है। कसबा को आने पर कई गांवों को रास्ता है। दिन भर लोगों की आवाजाही रहती है। खेतों पर भी काम करने वाले सुबह ही पहंच जाते है। ऐसे में जिस जगह बिटिया का शव मिला है। वह स्थान सवालिया घेरे में है।