Bareilly News: अगवा लड़कियों की सुरागकशी में फंसी पुलिस, दूसरे प्रदेशों की छान रही खाक
बरेली पुलिस प्रेम प्रसंग के मामलों में घर से निकली लड़कियों की तलाश में उलझी है। इससे पुलिस के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों पर असर पड़ रहा है।
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बरेली में प्रेम प्रसंग के मामलों में घर से निकली लड़कियों को तलाशना पुलिस के गले की फांस बन गया है। घटनाओं के खुलासे, विवेचना और अन्य जरूरी काम छोड़कर पुलिस लड़कियों की तलाश में दूसरे राज्यों में भटक रही है। लड़की मिलने पर भी पुलिस की जिम्मेदारी कम से कम चार दिन और बनी रहती है। मेडिकल परीक्षण कराकर कोर्ट में बयान दर्ज कराना भी चुनौती है, जबकि दोनों पक्ष लड़की को प्रभावित करने के लिए खींचतान और मारपीट तक करते हैं। फिलहाल ऐसे कई मामलों में पुलिस की ऊर्जा खर्च हो रही है।
जिले के थानों में लगातार दर्ज हो रहे मामलों में अधिकतर बालिग लड़कियों से संबंधित होते हैं। बावजूद रिपोर्ट कराने की खातिर परिजन उन्हें नाबालिग बताते हैं। मामला दो समुदाय के प्रेमी युगल का हो तो स्थिति और संवेदनशील हो जाती है। एहतियात के तौर पर ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती करनी पड़ती है। ऐसे मामलों में लड़कियों की तलाश और लड़के पर कार्रवाई को लेकर पुलिस पर दबाव बढ़ जाता है। तब पुलिस को सारे काम छोड़कर लड़की की तलाश करनी पड़ती है।
फोन होता है बंद, दूसरे शहरों में तलाशना मुश्किल
अक्सर प्रेमी जोड़े दिल्ली या दूसरे राज्य में निकल जाते हैं। उनकी तलाश में कई बार सर्विलांस भी काम नहीं आता, क्योंकि वे मोबाइल फोन बंद रखते हैं या सिम तोड़ चुके होते हैं। ऐसे में मुखबिरों व सीसी फुटेज के सहारे तलाश में पुलिस को भी कई दिन तक भटकना पड़ता है। लड़की को तलाश करने के बाद उसका मेडिकल परीक्षण और कोर्ट में बयान कराने में एक दरोगा व महिला सिपाहियों समेत करीब पांच लोगों का स्टाफ ड्यूटी में लगता है।
मुकदमों में आई मामूली कमी, लेकिन उलझन बरकरार
बीते वर्षों के मुकाबले 2025 व मौजूदा वर्ष में लड़कियों के अपहरण के मामलों में मामूली कमी आई है, लेकिन पुलिस को उलझाने के लिए यह आंकड़ा काफी रहा। 2021 में 228, 2022 में 272, 2023 में 242 व 2024 में 259 और 2025 में 194 मामले सामने आए हैं। वहीं, 2026 में अब तक करीब 60 मामले ही दर्ज हुए हैं।
कई बार एक ही प्रेमी संग निकल रहीं किशोरियां
किशोरियों के मामले में तलाश के बाद कोर्ट उन्हें उनके परिजनों को सौंप देता है और उसका प्रेमी आरोपी के तौर पर जेल चला जाता है। ऐसे मामलों में ये भी देखने को मिला है कि प्रेमी के जेल से निकलने के बाद किशोरी फिर उसी के साथ चली जाती है। ऐसे मामलों में तीन-तीन बार रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस किशोरियों की तलाश करती है। यह प्रक्रिया किशोरियों के बालिग होकर वैध तरीके से शादी करने तक चलती रहती है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि ऐसे मामलों में बड़े विवाद की आशंका रहती है। इसलिए तत्परता से कार्रवाई कराई जाती है। इस समय भी हमारे कई थानों की टीम लड़कियों व आरोपियों की तलाश में दूसरे प्रदेश व शहरों में गई हैं। हमने सर्किल वार सर्विलांस सेल गठित कर दी है ताकि पीड़ितों को जिला मुख्यालय की दौड़ न लगानी पड़े।