फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Place surround the courtyard for prayers and making room for the AC

जगह घेर कर नमाज के लिए आंगन और कई एसी कमरे बना लिए

Tue, 14 Jun 2016 01:11 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Tue, 14 Jun 2016 01:11 AM IST
विज्ञापन
 Place surround the courtyard for prayers and making room for the AC
अ‌िततिक्रमण्‍ा
पीलीभीत बाईपास पर ग्रीन बेल्ट में मदीना शाह की मजार और मस्जिद बनी हुई है। जिसमें करीब आधा दर्जन कमरे  हैं। इस धार्मिक स्थल को खानकाह से जुड़ा बताते हैं। ये खंडेश्वरी जटिल संन्यास आश्रम से डेढ़ किलोमीटर पहले है और यूनिवर्सिटी गेट से चंद कदम आगे बढ़कर है। जो कि करीब दो बीघा जमीन में हैं। पहले यहां मदीना शाह ने खानकाह और मस्जिद बनाई, उनके इंतकाल के बाद यहीं पर उनकी मजार भी बना दी गई।  बाद में धीरे - धीरे नमाजियों के लिए अवैध तरीके से टीन शेड, वाटर कूलर, स्टोर रूम, तथा कुछ एसी कमरे बना दिए गए। खानकाह, मस्जिद और मजार को छोड़कर बाकी सब अवैध और अतिक्रमण में आता है। जब-जब इस रोड को चौड़ा करने का अभियान चला, तब - तब पीडब्लूडी की ओर से इस धार्मिक स्थल की बाउंड्रीवाल को तोड़ कर अंदर खिसकाया जाता रहा ।    
विज्ञापन

1970 के आसपास पतला रोड बना था ।  तब मजार सड़क से काफी दूरी थी। 1981 में मजार और पुराने हिस्से की मरम्मत कराई गई , जिसके कुछ हिस्से पर पक्का निर्माण है और कुछ में छत की जगह टीन शेड  हैं। इस जगह पर 1985 में नगर निगम ने कई शौचालय बनवाए और एक हैंड पंप भी लगवाया था।  2007 में जब सड़क फोर लेन हुई तब पीडब्ल्यूडी ने यहां की बाउंड्री को तोड़ कर और पीछे करा दिया। उस समय मजार सड़क से सट गया। जिसे अतिक्रमण माना जा रहा है, क्योंकि इस धार्मिक स्थल के कारण ग्रीन बेल्ट खत्म हो गई।  
विज्ञापन

 
कमेटी का दावा, पुरानी है मस्जिद, खानकाह व मजार
 इस धार्मिक स्थल का प्रबंधन कर रही कमेटी के पदाधिकारी डा. सय्यद जियाउल इस्लाम हाशमी, मुशफिक हुसैन व ख्वाजा हसन का कहना है कि खानकाह, मस्जिद और हुजरा 400 साल पुराना है। यहां की मुख्य मजार हजरत बुरहानुल हक कादरी मदनी उर्फ मदीना शाह की  है। जो कि नगर निगम के अभिलेखों में 1650 से दर्ज है। जिसकी 1982 में तो मरम्मत की गई। अभी हाल में कुछ कमरे और टिन शेड जरूर डाले गए हैं। इसकी देख भाल सज्जादानशीन फरीदुल इस्लाम हाशमी कादरी चिश्ती 1962 से कर रहे हैं। जुमे की नमाज में जब नमाजियों की संख्या बढ़ने लगी तो मस्जिद में जगह कम पड़ने लगी, तब टीन शीट से घेर कर मजार के बाहरी हिस्से पर एक बरामदा,  आंगन वजूखाना बना दिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

2007 में सड़क चौड़ा करने पर हुआ था बवाल
24 दिसंबर 2007 को इस धार्मिक स्थल की बाउंड्रीवाल को तोड़कर सड़क चौड़ी की तो बवाल हुआ था। कुछ समय तक पीडब्लूडी को निर्माण रोकना पड़ा था, बाद में समझौता हुआ, जिसमें धार्मिक स्थल की कुछ जमीन को शामिल करके सड़क को चौड़ा किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed