UP News: लड़की ले जाने का झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले को देने होंगे एक हजार रुपये, कोर्ट ने दिया आदेश
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी को दोषमुक्त करार दिया। मुकदमा दर्ज कराने वाले लड़की के पिता को पंकज को निराधार गिरफ्तार करवाने के लिए प्रतिकर के रूप में एक हजार रुपये देने के आदेश दिए।
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बरेली में लड़की को ले जाने के आरोपों को झूठा पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है। साथ ही, मुकदमा दर्ज कराने वाले लड़की के पिता को एक हजार रुपये निर्दोष करार दिए गए युवक को देने का आदेश दिया है।
सीबीगंज के व्यक्ति ने 28 सितंबर 2023 को अपनी बेटी को ले जाने के आरोप में परिचित पंकज, उसकी मां व उसके दो बड़े भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पंकज के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। आरोपी की तरफ से अदालत को बताया गया कि पीड़िता की उम्र बताने के लिए स्कूल के दो प्रमाणपत्र प्रस्तुत किए गए। इनमें से एक में उसे बालिग तो दूसरे में नाबालिग दर्शाया गया है। जबकि, वास्तव में वह बालिग है।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने व साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी पंकज को दोषमुक्त करार दिया। मुकदमा दर्ज कराने वाले लड़की के पिता को पंकज को निराधार गिरफ्तार करवाने के लिए प्रतिकर के रूप में एक हजार रुपये 30 दिन के अंदर देने के आदेश दिए।
'लोक सेवक का पद मौज-मस्ती के लिए नहीं'
न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपने आदेश में लिखा है कि लोक सेवक का पद मौज-मस्ती करने के लिए नहीं बनाया गया है। लोक सेवक के पास तमाम जिम्मेदारी होती हैं। क्षेत्राधिकारी द्वितीय ने पर्यवेक्षण के दौरान अपनी अधिकारों का प्रयोग नहीं किया। संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए एसएसपी को लिखा है।