Bareilly News: हवा में नमी से बढ़ रहे निमोनिया और कोल्ड डायरिया के मरीज, बच्चों का रखें विशेष ख्याल
बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चे को बीमार कर सकती है। चिकित्सकों की सलाह है कि ऐसे मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखें। क्योंकि बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ जाती है, जिससे निमोनिया और कोल्ड डायरिया मरीज बढ़ रहे हैं।
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सर्द मौसम में बारिश के बाद हवा में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों को निमोनिया और कोल्ड डायरिया होने का खतरा बढ़ जाता है। इस समय जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में निमोनिया से पीड़ित 13 बच्चों का इलाज चल रहा है। इससे पहले डायरिया से पीड़ित 15 से अधिक बच्चे यहां भर्ती रहे। बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए डॉक्टर सावधानी बरतने का सुझाव दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधीर ने बताया कि सर्दी में माताओं की जरा सी लापरवाही की वजह से बच्चे बीमार हो रहे हैं। उन्हें निमोनिया हो रहा है। निमोनिया होने पर बच्चों को जुकाम हो जाता है, फिर सांस की नली और फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है। इस समय जिला अस्पताल में आने वाले अधिकांश बच्चे निमोनिया से पीड़ित मिल रहे हैं। फिलहाल जिला अस्पताल में कोल्ड डायरिया के मरीज नहीं है।
निमोनिया के लक्षण
- बच्चों का बार-बार खांसना, अधिक समय तक खांसी रहना।
- सांस लेने में दिक्कत होना।
- तेज-तेज और कम गहरी सांस खींचना।
- हंसली (कालरबोन) से ऊपर पसलियों के बीच की त्वचा का बार-बार अंदर धंसना।
ये बरतें सावधानियां
- कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए बच्चों के हाथ बार-बार धोएं।
- घर में बच्चों की देखभाल के दौरान अपने हाथों की सफाई का ध्यान रखें।
- शिशु को पहले छह माह तक स्तनपान कराएं।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा कराएं।
दोनों बच्चे हुए बीमार
मेहतरपुर करोला की रूबी ने बताया कि एक बेटी और एक बेटा है, दोनों ही बीमार चल रहे है। डॉक्टर ने बताया कि बच्चों को निमोनिया हो गया है। तीन दिन से जिला अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं। मीरा ने बताया कि बेटी गुनगुन को खांसी आ रही है। शुक्रवार को उसे दिखाने के लिए जिला अस्पताल लाए थे, यहां डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। यहां पर निमोनिया का इलाज चल रहा है।