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Bareilly News: यहां 561 हेक्टेयर भूमि पर बसेगी नई कॉलोनी, सात गांवों की बदलेगी तस्वीर, जल्द होगा भूमि अधिग्रहण

Mon, 11 Nov 2024 04:47 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Mon, 11 Nov 2024 04:47 PM IST
सार

बरेली में परसाखेड़ा आवासीय योजना के लिए सात गांव के किसानों की जमीन अधिगृहीत की जाएगी। दो गांव के किसान भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति दे चुके हैं। बाकी पांच गांवों के किसानों की सहमति लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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Parsakheda Housing Scheme will change the picture of seven villages in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

बरेली-दिल्ली हाईवे किनारे विकसित हो रही आवास विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना से सात गांवों की तस्वीर बदलेगी। इसके तहत दो गांवों टियूलिया, धंतिया में परिषद की ओर से जमीन अधिग्रहीत की जा रही है और अब हमीरपुर, वोहित, मिलक इमामगंज, बल्लिया, फरीदापुर गांवों में भी की जाएगी। 

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अधिग्रहीत जमीन को परिषद आवासीय कॉलोनी के रूप में विकसित करेगा। कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट के संग चौड़ी सड़कें होंगी। पार्क बनाए जाएंगे। भूमिगत बिजली लाइनें बिछेंगी। पोस्ट ऑफिस, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, बैंक और जरूरी सुविधाओं के लिए भूखंड उपलब्ध होंगे।
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योजना के लिए किसानों से लैंड पूलिंग स्कीम में खेती वाली जमीन ली जाएगी। अधिग्रहीत की जा रही आधी जमीन पर सड़क पार्क, एसटीपी प्लांट और बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बाकी पचास फीसदी जमीन पर आवासीय और व्यावसायिक भूखंड होंगे। इसमें किसानों को उनकी पसंद का भूखंड मिलेगा, लेकिन वह योजना में दी गई जमीन का 25 फीसदी हिस्सा ही होगा। 

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182 किसानों ने दी भूमि अधिग्रहण की सहमति 
योजना में टियूलिया और धंतिया गांव के 182 किसानों की सहमति जमीन अधिग्रहण के लिए मिल चुकी है। अब जिन पांच नये गांवों को जोड़ा गया है, उनमें सहमति लेने की तैयारी है। किसानों को 15 दिसंबर तक का समय दिया गया है। 561 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित है। टियूलिया ब धंतिया गांव की 149 हेक्टेयर जमीन ली जानी है। शेष जमीन पांच गांवों में ली जाएगी। अभी तक सिर्फ दो गावों में 55 हेक्टेयर जमीन की सहमति ली गई है।

क्या है लैंड पूलिंग स्कीम
आवास विकास परिषद को लैंड पूलिंग स्कीम में किसान अपनी जो जमीन देते हैं तो उसका 25 फीसदी हिस्सा विकसित भूखंड के रूप में प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना में स्थल विकास के बदले उन्हें कोई भुगतान नहीं करना पड़ता है। योजना को लेकर दो गांवों में किसानों ने उत्साह दिखाया है।

प्रस्तावित कॉलोनी के लिए जिन 182 किसानों की सहमति मिल गई है, उनसे एग्रीमेंट किए जाएंगे। बाकी पांच गांवों में जो किसान लैंडपूलिंग स्कीम में जमीन देना चाहते हैं वे अपने हिस्से की जमीन का अंश निर्धारण कराने के बाद दो फोटो, बैंक पासबुक की फोटो स्टेट, आधार कार्ड, जमीन की खतौनी परिषद को उपलब्ध कराते हुए सहमति दे सकते हैं। उनके भी एग्रीमेंट हो जाएंगे। -नवीन कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद

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