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Bareilly News: कुपोषण से जंग का कागजी दावा धरातल पर ढेर
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बरेली। कुपोषण से जंग और बच्चों के विकास का कागजी दावा धरातल पर ढेर हो रहा है। हकीकत में कई केंद्रों पर न इन्फैंट्रोमीटर हैं, न ही स्टेडियोमीटर। ज्यादातर केंद्रों पर जांच का लक्ष्य भी अधूरा है। स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट कागजी दावों की पोल खोल रही है।
शासन के निर्देशानुसार हर माह चार बार ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) का आयोजन जिले के सभी ब्लाॅकों में होता है। इसमें बच्चों की लंबाई, वजन मापकर उनका शारीरिक विकास आंका जाता है। रिपोर्ट पर गौर करें तो सिविल लाइंस, सुभाषनगर, फरीदपुर, बानखाना में इन्फैंट्रोमीटर और स्टेडियोमीटर न होने से जांच नहीं हो रही। जगतपुर, पुराना शहर में सौ फीसदी, लेकिन बिथरी चैनपुर के 86, मझगवां के 80, मुड़िया नवी बक्श के 83, शेरगढ़ के 89, क्यारा के 76 फीसदी दिवस के दौरान ही उपकरण उपलब्ध हुए।
समिति की रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की एचआईवी, सिफलिस, हीमोग्लाबिन, बीपी, यूरिन स्क्रीनिंग का भी लक्ष्य कई केंद्रों पर पूरा नहीं हो रहा। इनमें क्यारा, सुभाषनगर, शेरगढ़, मुड़िया नवी बक्श, मझगवां, बिथरी चैनपुर ब्लॉक शामिल हैं। सीएमओ को जांच के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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ओआरएस, जिंक पैकेट, कैल्शियम की गोलियों के वितरण का लक्ष्य भी अधूरा
स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के अनुसार बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जिंक पैकेट भी कई केंद्रों पर वितरित नहीं हो रहे। हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम की गोलियां भी नहीं दी जा रही हैं।
स्वास्थ्य समिति की बैठक में उपकरणों के अभाव को दूर करने के निर्देश डीएम ने संबंधित विभाग को दिए हैं। बच्चों, महिलाओं की शत प्रतिशत जांच के लिए क्षेत्रीय चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो
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शासन के निर्देशानुसार हर माह चार बार ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) का आयोजन जिले के सभी ब्लाॅकों में होता है। इसमें बच्चों की लंबाई, वजन मापकर उनका शारीरिक विकास आंका जाता है। रिपोर्ट पर गौर करें तो सिविल लाइंस, सुभाषनगर, फरीदपुर, बानखाना में इन्फैंट्रोमीटर और स्टेडियोमीटर न होने से जांच नहीं हो रही। जगतपुर, पुराना शहर में सौ फीसदी, लेकिन बिथरी चैनपुर के 86, मझगवां के 80, मुड़िया नवी बक्श के 83, शेरगढ़ के 89, क्यारा के 76 फीसदी दिवस के दौरान ही उपकरण उपलब्ध हुए।
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समिति की रिपोर्ट के अनुसार बच्चों की एचआईवी, सिफलिस, हीमोग्लाबिन, बीपी, यूरिन स्क्रीनिंग का भी लक्ष्य कई केंद्रों पर पूरा नहीं हो रहा। इनमें क्यारा, सुभाषनगर, शेरगढ़, मुड़िया नवी बक्श, मझगवां, बिथरी चैनपुर ब्लॉक शामिल हैं। सीएमओ को जांच के दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
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ओआरएस, जिंक पैकेट, कैल्शियम की गोलियों के वितरण का लक्ष्य भी अधूरा
स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के अनुसार बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जिंक पैकेट भी कई केंद्रों पर वितरित नहीं हो रहे। हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम की गोलियां भी नहीं दी जा रही हैं।
स्वास्थ्य समिति की बैठक में उपकरणों के अभाव को दूर करने के निर्देश डीएम ने संबंधित विभाग को दिए हैं। बच्चों, महिलाओं की शत प्रतिशत जांच के लिए क्षेत्रीय चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया है। - डॉ. विश्राम सिंह, सीएमओ
अमर उजाला ब्यूरो