पंचायत का इंसाफ: पहली बार छेड़ा तो डांट दिया, दूसरी बार पकड़ा तो जूते मार दिए
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कक्षा छह की एक छात्रा से छेड़छाड़ के मामले को पंचायत ने अजीब तरीके से रफादफा करा दिया। पंचायत ने छात्रा और उसके पिता से आरोपी को 5-5 जूते लगवाकर मामला निपटा दिया। पुलिस ने भी पंचायत के फैसला सही मानकर आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। आरोपी इससे पहले भी एक किशोरी से छेड़खानी कर चुका है। तब उसे डांटकर मामला निपटा दिया गया था।
फरीदपुर क्षेत्र के एक गांव की छात्रा की मां किडनी रोग से पीड़ित है। उसका लखनऊ में इलाज चल रहा है। छात्रा घर के पास ही एक युवती से ट्यूशन पढ़ती है। 19 जनवरी को वह जब ट्यूशन पढ़ने गई तो टीचर अपनी बहन और मां के साथ फरीदपुर में शॉपिंग करने गईं थीं। छात्रा लौटने लगी तो टीचर के भाई ने उसे पकड़ लिया और खींचकर कमरे में ले गया। वह जब छात्रा से छेड़खानी करने लगा तो उसने शोर मचा दिया। इस पर लोग जुटे और छात्रा की मां भी वहां पहुंच गई। लोगों ने दरवाजा खटखटाया तो लड़के ने छात्रा की पिटाई कर दी और वहां से भाग गया।
घटना की तहरीर कोतवाली पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय छात्रा के पिता से फैसला करने को कह दिया। इसके बाद 21 जनवरी को गांव में पंचायत बैठी। पंचायत ने फैसला सुनाया कि पीड़ित छात्रा और उसका पिता लड़के को पांच-पांच जूते मारे। इसके बाद मामला रफादफा कर दिया गया।
घटना की कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। मामला अब संज्ञान में आया है। इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- धनंजय सिंह प्रभारी निरीक्षक फरीदपुर