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पीएसी के दो जवानाें को हुआ था डेंगू
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:42 AM IST
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डेंगू के मामले बढ़ने शुरू हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीएसी के दो जवानाें में डेंगू की पुष्टि की गई है। हालांकि ये दोनों जवान स्वस्थ हैं और डिस्चार्ज होकर जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग सिपाहियाें में डेंगू का कारण लखनऊ में लगी ड्यूटी बता रहा है।
नकटिया पीएसी कैंप में तैनात अब्दुल इकरार और सर्वेश के साथ तीन अन्य सिपाहियाें को 20 दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ये सभी बुखार और वायरल से ग्रसित थे। डेंगू के लक्षण मिलने पर सभी के नमूने लेकर एलाइजा जांच को लखनऊ भेजा गया था। शनिवार को आई रिपोर्ट में इकरार और सर्वेश में डेंगू पॉजीटिव पाया गया है। इकरार और सर्वेश आठवीं वाहिनी पीएसी में तैनात हैं। इकरार गोरखपुर के हैं। हालांकि सभी मरीजाें की छुट्टी की जा चुकी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर ज्यादा परेशान नहीं है। सीएमओ का कहना है कि ये लखनऊ में कुछ दिन पहले तैनात थे। वहीं से बीमार होकर आए।
निजी क्लीनिक डेंगू की जांच एलाइजा से करें
सीएमओ डॉ. विजय यादव ने बताया कि निजी क्लीनिक रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) से डेंगू की जांच न करें। इसे डब्ल्यूएचओ ने पहले ही अमान्य करार दिया है। डेंगू के मरीजों की जांच के लिए एलाइजा टेस्ट ही कराया जाए। सीएमओ ने बताया कि आरडीटी में ब्लड सीरम की जांच होती है, जबकि बिना एंटीजेन, एंटीबॉडी की जांच के डेंगू पता नहीं चल सकता। शहर में सिर्फ एक निजी लैब ही एलाइजा जांच से डेंगू बता रही है जो काफी महंगी है। इसलिए निजी अस्पताल डेंगू के मामले आने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें। पीएसी जवानाें की तैनाती पिछले दिनों राजभवन लखनऊ में थी। लखनऊ में डेंगू फैला हुआ है। ये वहीं से माइग्रेटेड थे। इनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, लेकिन फिलहाल ये ठीक होकर जा चुके हैं। सभी निजी अस्पतालाें से कहा गया है कि वे एलाइजा जांच के बिना डेंगू न बताएं। - डॉ. विजय यादव, सीएमओ
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नकटिया पीएसी कैंप में तैनात अब्दुल इकरार और सर्वेश के साथ तीन अन्य सिपाहियाें को 20 दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ये सभी बुखार और वायरल से ग्रसित थे। डेंगू के लक्षण मिलने पर सभी के नमूने लेकर एलाइजा जांच को लखनऊ भेजा गया था। शनिवार को आई रिपोर्ट में इकरार और सर्वेश में डेंगू पॉजीटिव पाया गया है। इकरार और सर्वेश आठवीं वाहिनी पीएसी में तैनात हैं। इकरार गोरखपुर के हैं। हालांकि सभी मरीजाें की छुट्टी की जा चुकी है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर ज्यादा परेशान नहीं है। सीएमओ का कहना है कि ये लखनऊ में कुछ दिन पहले तैनात थे। वहीं से बीमार होकर आए।
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निजी क्लीनिक डेंगू की जांच एलाइजा से करें
सीएमओ डॉ. विजय यादव ने बताया कि निजी क्लीनिक रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) से डेंगू की जांच न करें। इसे डब्ल्यूएचओ ने पहले ही अमान्य करार दिया है। डेंगू के मरीजों की जांच के लिए एलाइजा टेस्ट ही कराया जाए। सीएमओ ने बताया कि आरडीटी में ब्लड सीरम की जांच होती है, जबकि बिना एंटीजेन, एंटीबॉडी की जांच के डेंगू पता नहीं चल सकता। शहर में सिर्फ एक निजी लैब ही एलाइजा जांच से डेंगू बता रही है जो काफी महंगी है। इसलिए निजी अस्पताल डेंगू के मामले आने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दें। पीएसी जवानाें की तैनाती पिछले दिनों राजभवन लखनऊ में थी। लखनऊ में डेंगू फैला हुआ है। ये वहीं से माइग्रेटेड थे। इनकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, लेकिन फिलहाल ये ठीक होकर जा चुके हैं। सभी निजी अस्पतालाें से कहा गया है कि वे एलाइजा जांच के बिना डेंगू न बताएं। - डॉ. विजय यादव, सीएमओ
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