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Bareilly News: जांच के घेरे में सौ से ज्यादा दिव्यांग प्रमाणपत्र, दिल्ली पुलिस को सौंपे
Fri, 11 Sep 2026 03:28 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 11 Sep 2026 03:28 AM IST
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बरेली। फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र मामले में आउटसोर्सिंग कर्मचारी कुलदीप की भूमिका सामने आने के बाद अब उसके जरिए जारी करीब सौ से ज्यादा दिव्यांग प्रमाणपत्र जांच के घेरे में आ गए। सीएमओ कार्यालय ने दिल्ली पुलिस को तीन बंडल में प्रमाणपत्र संबंधित अभिलेख सौंपे हैं।
इनमें दिव्यांगों के आवेदनपत्र, पहचानपत्र, आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणित करने वाले दस्तावेज शामिल हैं। सभी रिकॉर्ड जांच में शामिल कर लिए गए हैं। नोडल डॉ. राकेश ने बताया कि जो अभिलेख मांगे थे वह दे दिए गए हैं।
दूसरी ओर, कुलदीप की कार्यप्रणाली की पड़ताल में पता चला कि वह सीएमओ कार्यालय के दिव्यांग शिविर के अलावा तहसील दिवस में जाता था। दिव्यांगता आवेदन पत्र की जांच, फाइल को चिकित्सक के पास परीक्षण के लिए पहुंचाने में शामिल था। लिहाजा, तैनाती के दौरान बने प्रमाणपत्र में उसकी भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
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इसके लिए प्रमाणपत्रों में लगाए गए दस्तावेज और चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया का भी मिलान कराया जाएगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि सपोर्ट स्टाफ के तहत तैनाती के बावजूद दिव्यांग प्रमाणपत्रों के काम में उसकी पहुंच कैसे बनी।
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इनमें दिव्यांगों के आवेदनपत्र, पहचानपत्र, आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणित करने वाले दस्तावेज शामिल हैं। सभी रिकॉर्ड जांच में शामिल कर लिए गए हैं। नोडल डॉ. राकेश ने बताया कि जो अभिलेख मांगे थे वह दे दिए गए हैं।
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दूसरी ओर, कुलदीप की कार्यप्रणाली की पड़ताल में पता चला कि वह सीएमओ कार्यालय के दिव्यांग शिविर के अलावा तहसील दिवस में जाता था। दिव्यांगता आवेदन पत्र की जांच, फाइल को चिकित्सक के पास परीक्षण के लिए पहुंचाने में शामिल था। लिहाजा, तैनाती के दौरान बने प्रमाणपत्र में उसकी भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
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इसके लिए प्रमाणपत्रों में लगाए गए दस्तावेज और चिकित्सकीय परीक्षण की प्रक्रिया का भी मिलान कराया जाएगा। सवाल यह भी उठ रहा है कि सपोर्ट स्टाफ के तहत तैनाती के बावजूद दिव्यांग प्रमाणपत्रों के काम में उसकी पहुंच कैसे बनी।