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कैंट में घूमते तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग की टीम फेल
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कैंट में चार जुलाई को देखे गए तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग की टीमें असफल साबित हुई हैं। बीती रात तेंदुए ने जंगल में पिंजरों के बाहर बांधे गए दो बकरों का शिकार कर लिया। उसकी यह तस्वीर कैमरे में कैद हो गई। बकरे अब पिंजरे के अंदर बांधे जाएंगे।
शहर के कैंट एरिया और केंद्रीय विद्यालय के आस-पास तेंदुए को चार जुलाई को देखा गया था। उसके बाद केंद्रीय विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया था। कैँट में रहने वाले परिवारों की मानें तो तेंदुआ जंगल से निकल कर कई बार रिहायशी इलाके में आया। हालांकि, इस दौरान उसने किसी मानव पर हमला नहीं किया। बछड़ा, कुत्ते और सुअर समेत जानवरों पर हमले के मामले सामने आए हैं। आम नागरिकों पर बढ़ते खतरे के मद्देनजर कैंट बोर्ड को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट की टीमें तेंदुआ पकड़ने के लिए लगातार डटी हुई हैं। जंगल में दो पिंजरे रखकर बकरों को बांधा गया, लेकिन तेंदुआ शिकार करने नहीं आया। तेंदुआ पकड़ने में देरी से दहशत बढ़ रही है। रात 11 से 12 बजे के बीच तेंदुए ने दोनों बकरों को मार डाला। शिकार करते हुए तेंदुआ ट्रैकिंग कैमरों में भी कैद हो गया। हुआ है। एक्सपर्ट का कहना है कि अब तेंदुआ आसानी से पकड़ में आ जाएगा। उधर, तेंदुए की दहशत से छह जुलाई से बंद केंद्रीय विद्यालय सोमवार को खोल दिया गया। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट टाइगर प्रोजेक्ट के पीसी पांडेय और रेंजर आरके सिंह के साथ टीम सोमवार को विद्यालय पहुंची। टीम के सदस्यों ने विद्यार्थियों को वन्य जीवों से सावधानी बरतने के बारे में बताया।
तेंदुए ने रविवार रात पिजरों के साथ बांधे गए दोनों बकरों का शिकार कर लिया है। यह अच्छी बात है। अब बकरों को पिंजरों के अंदर बांधा जाएगा। तेंदुआ जल्द पकड़ में आ जाएगा। उसके जंगल से बाहर आने की संभावना अब न के बराबर है।
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-एमएन सिंह, प्रभारी डीएफओ
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शहर के कैंट एरिया और केंद्रीय विद्यालय के आस-पास तेंदुए को चार जुलाई को देखा गया था। उसके बाद केंद्रीय विद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया था। कैँट में रहने वाले परिवारों की मानें तो तेंदुआ जंगल से निकल कर कई बार रिहायशी इलाके में आया। हालांकि, इस दौरान उसने किसी मानव पर हमला नहीं किया। बछड़ा, कुत्ते और सुअर समेत जानवरों पर हमले के मामले सामने आए हैं। आम नागरिकों पर बढ़ते खतरे के मद्देनजर कैंट बोर्ड को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व, दुधवा नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट की टीमें तेंदुआ पकड़ने के लिए लगातार डटी हुई हैं। जंगल में दो पिंजरे रखकर बकरों को बांधा गया, लेकिन तेंदुआ शिकार करने नहीं आया। तेंदुआ पकड़ने में देरी से दहशत बढ़ रही है। रात 11 से 12 बजे के बीच तेंदुए ने दोनों बकरों को मार डाला। शिकार करते हुए तेंदुआ ट्रैकिंग कैमरों में भी कैद हो गया। हुआ है। एक्सपर्ट का कहना है कि अब तेंदुआ आसानी से पकड़ में आ जाएगा। उधर, तेंदुए की दहशत से छह जुलाई से बंद केंद्रीय विद्यालय सोमवार को खोल दिया गया। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट टाइगर प्रोजेक्ट के पीसी पांडेय और रेंजर आरके सिंह के साथ टीम सोमवार को विद्यालय पहुंची। टीम के सदस्यों ने विद्यार्थियों को वन्य जीवों से सावधानी बरतने के बारे में बताया।
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तेंदुए ने रविवार रात पिजरों के साथ बांधे गए दोनों बकरों का शिकार कर लिया है। यह अच्छी बात है। अब बकरों को पिंजरों के अंदर बांधा जाएगा। तेंदुआ जल्द पकड़ में आ जाएगा। उसके जंगल से बाहर आने की संभावना अब न के बराबर है।
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-एमएन सिंह, प्रभारी डीएफओ