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जांच पर जांच... अब एक और जांच, घूम रहे अवैध रूप से पेड़ काटने वाले
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पीलीभीत। हरीपुर जंगल किनारे गांवों में परमिट से अधिक हरे पेड़ों को काटने के मामले में टाइगर रिजर्व प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग अपनी-अपनी जांचें कर चुका है। अब टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एक और जांच शुरू की है। इस जांच में इस बात का आकलन किया जाएगा कि वन क्षेत्र में खड़े कितने पेड़ों का अवैध कटान किया गया। टाइगर रिजर्व प्रशासन मात्र वन क्षेत्र में खड़े पेड़ों के कटान पर ही कार्रवाई करेगा।
सामाजिक वानिकी विभाग ने हरीपुर रेंज के समीप 19 पेड़ों के कटान को आठ परमिट जारी किए गए थे, लेकिन मिलीभगत के चलते ठेकेदारों ने 175 से अधिक हरे भरे शीशम के पेड़ों का अवैध कटान कर डाला। इस मामले का खुलासा होने पर सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक संजीव कुमार ने पहले तो संबंधित क्षेत्र केे रेंजर को ही जांच सौंप दी। जब सवाल उठे तो एसडीएम को जांच मिली। एसडीएम ने ठीक से जांच शुरू भी नहीं कर पाई थीं कि तत्कालीन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी को जांच दे दी गई। जांच पूरी होने से पहले ही उनका ट्रांसफर हो गया। सामाजिक वानिकी के रेंजर राजकुमार शर्मा का कहना था कि जिस क्षेत्र से पेड़ काटे गए, वह सामाजिक वानिकी का है। उन्होंने केवल सात पेड़ काटने का परमिट दिया था। रेंजर राजकुमार शर्मा परमिट के हिसाब से ही पेड़ कटने का कुतर्क देते रहे। इधर पुलिस प्रशासन भी इस मामले में अपनी जांच पूरी कर चुका है। अब इस मामले में कार्रवाई होना शेष है।
इधर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस मामले में एक और जांच शुरू की है। अफसरों के मुताबिक इस जांच में इस बात का आकलन किया जाएगा कि जंगल क्षेत्र से कितने पेड़ काटे गए हैं। क्योंकि पेड़ों का अवैध कटान ग्राम समाज, राजस्व और जंगल क्षेत्र तीन से किया गया है। टाइगर रिजर्व प्रशासन केवल वन क्षेत्र में काटे गए पेड़ों को लेकर ही कार्रवाई करेगा। अफसरों के मुताबिक जांच अंतिम दौर में है। जांच पूरी होते ही कार्रवाई की जाएगी।
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हरीपुर रेंज में हुए कटान मामले में जंगल क्षेत्र में कितने पेड़ काटे गए हैं। इसकी जांच पूरनपुर के एसडीओ प्रवीण खरे को दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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सामाजिक वानिकी विभाग ने हरीपुर रेंज के समीप 19 पेड़ों के कटान को आठ परमिट जारी किए गए थे, लेकिन मिलीभगत के चलते ठेकेदारों ने 175 से अधिक हरे भरे शीशम के पेड़ों का अवैध कटान कर डाला। इस मामले का खुलासा होने पर सामाजिक वानिकी के प्रभागीय निदेशक संजीव कुमार ने पहले तो संबंधित क्षेत्र केे रेंजर को ही जांच सौंप दी। जब सवाल उठे तो एसडीएम को जांच मिली। एसडीएम ने ठीक से जांच शुरू भी नहीं कर पाई थीं कि तत्कालीन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी को जांच दे दी गई। जांच पूरी होने से पहले ही उनका ट्रांसफर हो गया। सामाजिक वानिकी के रेंजर राजकुमार शर्मा का कहना था कि जिस क्षेत्र से पेड़ काटे गए, वह सामाजिक वानिकी का है। उन्होंने केवल सात पेड़ काटने का परमिट दिया था। रेंजर राजकुमार शर्मा परमिट के हिसाब से ही पेड़ कटने का कुतर्क देते रहे। इधर पुलिस प्रशासन भी इस मामले में अपनी जांच पूरी कर चुका है। अब इस मामले में कार्रवाई होना शेष है।
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इधर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने इस मामले में एक और जांच शुरू की है। अफसरों के मुताबिक इस जांच में इस बात का आकलन किया जाएगा कि जंगल क्षेत्र से कितने पेड़ काटे गए हैं। क्योंकि पेड़ों का अवैध कटान ग्राम समाज, राजस्व और जंगल क्षेत्र तीन से किया गया है। टाइगर रिजर्व प्रशासन केवल वन क्षेत्र में काटे गए पेड़ों को लेकर ही कार्रवाई करेगा। अफसरों के मुताबिक जांच अंतिम दौर में है। जांच पूरी होते ही कार्रवाई की जाएगी।
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हरीपुर रेंज में हुए कटान मामले में जंगल क्षेत्र में कितने पेड़ काटे गए हैं। इसकी जांच पूरनपुर के एसडीओ प्रवीण खरे को दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व