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संक्रामक रोगों की ब्लड स्लाइड बनाने में भी फिसड्डी, पीलीभीत 17वें नंबर पर
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पीलीभीत। मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाने में स्वास्थ्य विभाग फिसड्डी निकला। इसमें 19 जनपद सबसे पिछड़े पाए गए। इनमें पीलीभीत का नंबर अत्यंत शर्मनाक 17 वां हैं। यहां का एनुअल ब्लड स्लाइड एग्जामीनेशन रेट (एबीईआर) लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 1.44 प्रतिशत पाया गया। इस पर शासन ने सीएमओ को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है।
संक्रामक रोगों के फैलने के दौरान स्वास्थ्य विभाग कागजों में आंकड़ेबाजी कर मीडिया की रिपोर्टों को झुठलाता रहा। मगर, अब शासन ने ही स्वास्थ्य विभाग की आंकड़ेेबाजी की पोल खोलकर रख दी है। केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 19 जिलों में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एबीईआर लक्ष्य बेहद कम पाया गया है। इन 19 जिलों में पीलीभीत भी शामिल है। जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष एबीईआर मात्र 1.44 प्रतिशत पाया गया है, जबकि मानक दस प्रतिशत तय था। केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई 19 जनपदों की सूची में पीलीभीत 17वें नंबर अत्यंत शर्मनाक स्थिति में है। अपर निदेशक ने सीएमओ को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया कि केंद्र सरकार ने इस पर अप्रसन्नता जाहिर की है। सीएमओ को एबीईआर वृद्धि करने के लिए बुखार पीड़ित रोगियों का चिकित्सालय/स्वास्थ्य केंद्रों एवं फील्ड में अधिक से अधिक मलेरिया परीक्षण करने के आदेश दिए हैं ताकि एबीईआर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके।
सीएचसी-पीएचसी ने नहीं दिखाई गंभीरता
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार से पीड़ित रोगियों का परीक्षण करने के लिए उनकी ब्लड स्लाइड भी बनाई जाई चाहिए, लेकिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गंभीरता से नहीं लिया गया। गंभीर मरीजों की ही ब्लड स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गईं। जबकि अन्य बुखार पीड़ितों को नार्मल जांच के बाद दवा दे दी गई। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में संक्रामक रोगियों की संख्या कम होती है। पहले सरकारी अस्पतालों में हाईफीवर ट्रेकिंग रजिस्टर पर बुखार पीड़ित मरीजों के नाम पते दर्ज किए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं किया गया। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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कुल जनसंख्या के दस प्रतिशत लोगों की स्लाइड बनाने का था लक्ष्य
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार से पीड़ित मरीजों के आने पर उनकी उनकी ब्लड स्लाइड बनाई जाती है ताकि पता चल सके कि उन्हें मलेरिया है या नहीं। स्लाइडों की संख्या मुख्यालय से शासन पर भेजी जाती है। इसको लेकर शासन द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया गया। एबीईआर (एनुअल ब्लड स्लाइड एग्जामिनेशन रेट) का लक्ष्य जिले की जनसंख्या का 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया था। पीलीभीत की आबादी 20 लाख से अधिक है।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एबीईआर लक्ष्य बेहद कम पाया गया है। सभी चिकित्साधिकारियों को ज्वर पीड़ित मरीजों की अधिक से अधिक ब्लड स्लाइड बनाने को निर्देशित किया गया है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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संक्रामक रोगों के फैलने के दौरान स्वास्थ्य विभाग कागजों में आंकड़ेबाजी कर मीडिया की रिपोर्टों को झुठलाता रहा। मगर, अब शासन ने ही स्वास्थ्य विभाग की आंकड़ेेबाजी की पोल खोलकर रख दी है। केंद्र सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 19 जिलों में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एबीईआर लक्ष्य बेहद कम पाया गया है। इन 19 जिलों में पीलीभीत भी शामिल है। जनपद में लक्ष्य के सापेक्ष एबीईआर मात्र 1.44 प्रतिशत पाया गया है, जबकि मानक दस प्रतिशत तय था। केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई 19 जनपदों की सूची में पीलीभीत 17वें नंबर अत्यंत शर्मनाक स्थिति में है। अपर निदेशक ने सीएमओ को पत्र भेजकर नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया कि केंद्र सरकार ने इस पर अप्रसन्नता जाहिर की है। सीएमओ को एबीईआर वृद्धि करने के लिए बुखार पीड़ित रोगियों का चिकित्सालय/स्वास्थ्य केंद्रों एवं फील्ड में अधिक से अधिक मलेरिया परीक्षण करने के आदेश दिए हैं ताकि एबीईआर लक्ष्य की प्राप्ति की जा सके।
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सीएचसी-पीएचसी ने नहीं दिखाई गंभीरता
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार से पीड़ित रोगियों का परीक्षण करने के लिए उनकी ब्लड स्लाइड भी बनाई जाई चाहिए, लेकिन सरकारी अस्पतालों में मरीजों को गंभीरता से नहीं लिया गया। गंभीर मरीजों की ही ब्लड स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गईं। जबकि अन्य बुखार पीड़ितों को नार्मल जांच के बाद दवा दे दी गई। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में संक्रामक रोगियों की संख्या कम होती है। पहले सरकारी अस्पतालों में हाईफीवर ट्रेकिंग रजिस्टर पर बुखार पीड़ित मरीजों के नाम पते दर्ज किए जाते थे, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं किया गया। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग के अफसर इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
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कुल जनसंख्या के दस प्रतिशत लोगों की स्लाइड बनाने का था लक्ष्य
सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार से पीड़ित मरीजों के आने पर उनकी उनकी ब्लड स्लाइड बनाई जाती है ताकि पता चल सके कि उन्हें मलेरिया है या नहीं। स्लाइडों की संख्या मुख्यालय से शासन पर भेजी जाती है। इसको लेकर शासन द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया गया। एबीईआर (एनुअल ब्लड स्लाइड एग्जामिनेशन रेट) का लक्ष्य जिले की जनसंख्या का 10 प्रतिशत निर्धारित किया गया था। पीलीभीत की आबादी 20 लाख से अधिक है।
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एबीईआर लक्ष्य बेहद कम पाया गया है। सभी चिकित्साधिकारियों को ज्वर पीड़ित मरीजों की अधिक से अधिक ब्लड स्लाइड बनाने को निर्देशित किया गया है। -डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ