{"_id":"5e1613bf8ebc3e8814207378","slug":"others-in-pilibhit-bareilly-news-bly391244435","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब अफसर ही माफिया से मिलकर अवैध खनन कराएं तो उस पर कौन रोक लगाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब अफसर ही माफिया से मिलकर अवैध खनन कराएं तो उस पर कौन रोक लगाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत। योगी सरकार ने भले ही अनाधिकृत तरीके से होने वाले खनन पर पाबंदी लगा रखी हो, लेकिन जनपद में तो अफसर ही जब एक बड़े माफिया से मिलकर खनन करा रहे हैं तो फिर उसे रोके कौन। बीसलपुर में माफिया इसी तर्ज पर खनन निकासी करने करके सरकार को हर महीने लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंचाने में लगे हैं।
यूं तो सिस्टम की शह पर शहर समेत अमरिया, पूरनपुर, कलीनगर समेत पांचों तहसीलों में अवैध खनन निकासी का काम तेजी पर है, मगर, इसमें बीसलपुर और बिलसंडा नंबर एक पर हैं। दोनों जगहों पर देवहा और माला नदियों के अलावा अन्य छोटी नदियों और उनके आसपास खेतों से बालू निकालने के नाम पर अनुमति लेकर जेसीबी, पोकलैंड मशीनों से अनाधिकृत तरीके से खनन निकासी का काम तेजी से चल रहा है क्योंकि बरेली और शाहजहांपुर में खनन निकासी पर इस समय सख्ती है। इसलिए पीलीभीत के खनन की सप्लाई स्थानीय होने के साथ बरेली और शाहजहांपुर तक है। इसलिए जो ट्रॉली भर रेत या मिट्टी 2500 से 3000 रुपये तक बिकती थी, उसके रेट बढ़कर 4500 से 5000 रुपये तक पहुंच गए हैं। अवैध खनन का अधिकांश काम बीसलपुर के एक माफिया का है। माफिया के तार अधिकारियों से भी गहरे तक जुड़े हैं। इसलिए कोई भी उस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं करता। उसी के संरक्षण में खनन निकासी करने वाले बाकी गुर्गे भी जुड़े हुए हैं। अफसर, नेता और माफिया गठजोड़ ने बीसलपुर के गांव ढुकसी में बालू रेत की अनुमति लेकर देवहा नदी के पास पोकलैंड और जेसीबी मशीन लगाकर जमीन को इतना ऊबड़ खाबड़ कर दिया है कि गांव के तमाम बाशिंदों ने बीते दिनों जिलाधिकारी से मिलकर यह कहा था कि अगर उनके गांव में इसी तरह से खनन होता रहा तो बरसात में गांव कभी भी डूब जाएगा। मगर, गांव वालों की बात उस समय सुनी नहीं गई।
मंडलायुक्त ने कहा-जांच कराएंगे
बीसलपुर में किसान के नाम पर बालू रेत की अनुमति लेकर जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से अनाधिकृत तरीके से होने वाली खनन निकासी को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने जांच कराने की बात कही है। मंडलायुक्त ने खनन से जुड़े अफसरों का जवाब भी तलब किया है। मंडलायुक्त ने कहा कि खेत से बालू या रेत के नाम पर जेसीबी मशीन या पोकलैंड से रेत निकासी नियम विरुद्ध है। मैं इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से बात करके मामले की जांच कराऊंगा। अगर जांच में कोई दोषी निकला तो सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
एसडीएम-तहसीलदार का छापा, पोकलैंड मशीन बऔर ट्रैक्टर ट्रॉली सीज
बीसलपुर। गांव ढुकसी में किसान के नाम पर माफिया को बालू रेत निकासी की अनुमति की सभी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के मामले में खबर छपने के बाद डीएम सख्ती दिखाई। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचे बीसलपुर के एसडीएम सौरभ दुबे और तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने जेसीबी मशीन और पोकलैंड मशीन के साथ ही ट्रैक्टर ट्रॉली सीज कर दी। खनन करके निकाले गए रेत को ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
बीसलपुर के गांव ढुकसी में एक किसान के नाम पर नदी किनारे खेत से बालू मिट्टी निकासी की अनुमति 24 घंटे में लेकर स्थानीय माफिया बड़े पैमाने पर अनाधिकृत खनन निकासी कराकर उसका व्यापार कर रहा था। इस खेत में शाहजहांपुर और बरेली तक के तमाम ग्राहक आकर ट्रैक्टर ट्रॉली में मिट्टी और रेत भरकर ले जा रहे थे। तब तक प्रशासन को भी होश नहीं था क्योंकि खेत से बालू रेत निकासी की अनुमति तो स्थानीय अफसरों ने भी दी थी। मगर, बुधवार को प्रशासन हरकत में आया। यह तब हुआ जब अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ‘अवैध खनन में अफसर और माफिया का यह रिश्ता कुछ तो कहलाता है...’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद डीएम के निर्देश मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार बूंदाबांदी में भी छाता लगाकर मौके पर पहुंचे और खनन निकासी बंद करा दी। साथ ही मशीनें सीज कर दीं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केके तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों ने पोकलैंड मशीन, जेसीबी और ट्रैक्टर ट्राली भी सीज की हैं।
खेत मालिक पर रेत निकासी में एफआईआर दर्ज
पूरनपुर। खेत से रेत खनन कर बिक्री करने के मामले में पुलिस ने लेखपाल सुखलाल वर्मा की ओर से खेत मालिक पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर में खेत ऊंचा, नीचा होने का हवाला देकर वहां से रेत निकालकर बिक्री होने की सूचना पर एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने मंगलवार को छापा मारा था। एसडीएम ने हामिद खां के खेत के आधे हिस्से में रेत का स्टाक पकड़ा था। दूसरे हिस्से से रेत निकालने के प्रयास पर खेत को समतल कराने की अनुमति मांगी। जांच में हल्का लेखपाल की भी संलिप्तता प्रकाश में आई। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल सुखलाल वर्मा ने हामिद खां के खिलाफ रेत खनन की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
विज्ञापन
यूं तो सिस्टम की शह पर शहर समेत अमरिया, पूरनपुर, कलीनगर समेत पांचों तहसीलों में अवैध खनन निकासी का काम तेजी पर है, मगर, इसमें बीसलपुर और बिलसंडा नंबर एक पर हैं। दोनों जगहों पर देवहा और माला नदियों के अलावा अन्य छोटी नदियों और उनके आसपास खेतों से बालू निकालने के नाम पर अनुमति लेकर जेसीबी, पोकलैंड मशीनों से अनाधिकृत तरीके से खनन निकासी का काम तेजी से चल रहा है क्योंकि बरेली और शाहजहांपुर में खनन निकासी पर इस समय सख्ती है। इसलिए पीलीभीत के खनन की सप्लाई स्थानीय होने के साथ बरेली और शाहजहांपुर तक है। इसलिए जो ट्रॉली भर रेत या मिट्टी 2500 से 3000 रुपये तक बिकती थी, उसके रेट बढ़कर 4500 से 5000 रुपये तक पहुंच गए हैं। अवैध खनन का अधिकांश काम बीसलपुर के एक माफिया का है। माफिया के तार अधिकारियों से भी गहरे तक जुड़े हैं। इसलिए कोई भी उस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं करता। उसी के संरक्षण में खनन निकासी करने वाले बाकी गुर्गे भी जुड़े हुए हैं। अफसर, नेता और माफिया गठजोड़ ने बीसलपुर के गांव ढुकसी में बालू रेत की अनुमति लेकर देवहा नदी के पास पोकलैंड और जेसीबी मशीन लगाकर जमीन को इतना ऊबड़ खाबड़ कर दिया है कि गांव के तमाम बाशिंदों ने बीते दिनों जिलाधिकारी से मिलकर यह कहा था कि अगर उनके गांव में इसी तरह से खनन होता रहा तो बरसात में गांव कभी भी डूब जाएगा। मगर, गांव वालों की बात उस समय सुनी नहीं गई।
विज्ञापन
मंडलायुक्त ने कहा-जांच कराएंगे
बीसलपुर में किसान के नाम पर बालू रेत की अनुमति लेकर जेसीबी और पोकलैंड मशीनों से अनाधिकृत तरीके से होने वाली खनन निकासी को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने जांच कराने की बात कही है। मंडलायुक्त ने खनन से जुड़े अफसरों का जवाब भी तलब किया है। मंडलायुक्त ने कहा कि खेत से बालू या रेत के नाम पर जेसीबी मशीन या पोकलैंड से रेत निकासी नियम विरुद्ध है। मैं इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से बात करके मामले की जांच कराऊंगा। अगर जांच में कोई दोषी निकला तो सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
एसडीएम-तहसीलदार का छापा, पोकलैंड मशीन बऔर ट्रैक्टर ट्रॉली सीज
बीसलपुर। गांव ढुकसी में किसान के नाम पर माफिया को बालू रेत निकासी की अनुमति की सभी औपचारिकताएं पूरी किए जाने के मामले में खबर छपने के बाद डीएम सख्ती दिखाई। उनके निर्देश पर मौके पर पहुंचे बीसलपुर के एसडीएम सौरभ दुबे और तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने जेसीबी मशीन और पोकलैंड मशीन के साथ ही ट्रैक्टर ट्रॉली सीज कर दी। खनन करके निकाले गए रेत को ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
बीसलपुर के गांव ढुकसी में एक किसान के नाम पर नदी किनारे खेत से बालू मिट्टी निकासी की अनुमति 24 घंटे में लेकर स्थानीय माफिया बड़े पैमाने पर अनाधिकृत खनन निकासी कराकर उसका व्यापार कर रहा था। इस खेत में शाहजहांपुर और बरेली तक के तमाम ग्राहक आकर ट्रैक्टर ट्रॉली में मिट्टी और रेत भरकर ले जा रहे थे। तब तक प्रशासन को भी होश नहीं था क्योंकि खेत से बालू रेत निकासी की अनुमति तो स्थानीय अफसरों ने भी दी थी। मगर, बुधवार को प्रशासन हरकत में आया। यह तब हुआ जब अमर उजाला ने बुधवार के अंक में ‘अवैध खनन में अफसर और माफिया का यह रिश्ता कुछ तो कहलाता है...’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद डीएम के निर्देश मिलने पर एसडीएम और तहसीलदार बूंदाबांदी में भी छाता लगाकर मौके पर पहुंचे और खनन निकासी बंद करा दी। साथ ही मशीनें सीज कर दीं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केके तिवारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों ने पोकलैंड मशीन, जेसीबी और ट्रैक्टर ट्राली भी सीज की हैं।
खेत मालिक पर रेत निकासी में एफआईआर दर्ज
पूरनपुर। खेत से रेत खनन कर बिक्री करने के मामले में पुलिस ने लेखपाल सुखलाल वर्मा की ओर से खेत मालिक पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। गांव सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर में खेत ऊंचा, नीचा होने का हवाला देकर वहां से रेत निकालकर बिक्री होने की सूचना पर एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने मंगलवार को छापा मारा था। एसडीएम ने हामिद खां के खेत के आधे हिस्से में रेत का स्टाक पकड़ा था। दूसरे हिस्से से रेत निकालने के प्रयास पर खेत को समतल कराने की अनुमति मांगी। जांच में हल्का लेखपाल की भी संलिप्तता प्रकाश में आई। एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक को मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल सुखलाल वर्मा ने हामिद खां के खिलाफ रेत खनन की रिपोर्ट दर्ज करवाई है।