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45 हजार बांग्लादेशी अब नहीं जाएंगे कहीं और, नागरिकता का रास्ता साफ
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पीलीभीत। नागरिकता संशोधन विधेयक के लोकसभा के बाद राज्यसभा में पास होने के बाद अब जिले में रह रहे 45 हजार से अधिक बांग्लादेशियों को भी भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं बांग्लादेश से आए पांच हजार से अधिक मुस्लिमों को दिक्कत आना तय है। हालांकि अभी अफसर पूरनपुर, न्यूरिया समेत विभिन्न जगहों पर रह रहे लोगों की संख्या और पास हुए बिल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को बाहर निकालने पर चर्चा होती रही है। केंद्र की भाजपा सरकार तीनों देशों के गैर मुस्लिम जैसे हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी, ईसाई आदि समुदायों के भारत में रहने वाले शरणार्थियों को देश की नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन बिल लेकर संसद में आई थी। इस विधेयक में तीनों देशों के मुस्लिम घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान नहीं है। लोकसभा और फिर बुधवार को राज्यसभा से विधेयक पास होने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए पीलीभीत के विभिन्न इलाकों में रह रहे 45 हजार से ज्यादा गैर मुस्लिम समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया। इन्हें बिना किसी वैध दस्तावेज के भी भारत की नागरिकता प्रदान कर दी जाएगी।
पीलीभीत में ये लोग पूरनपुर, माधोटांडा, हजारा, न्यूरिया आदि क्षेत्रों के गांव गभिया सहराई, बूंदीभूड़, बंदरबोझ, नौजल्हा नक्आ, महाराजपुर, नगरिया खुर्द कलां, रमनगरा, पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, सेल्हा, मठईया लालपुर,चंदिया हजारा आदि में रह रहे हैं। ये सभी भारतीय नागरिकता पाने के लिए लगातार प्रयास भी करते रहे हैं। वहीं करीब पांच हजार घुसपैठियों के लिए मुश्किल आएगी। पूरनपुर तहसीलदार आशुतोष कुमार का कहना है कि ऐसे कितने लोग आकर बसे हुए हैं, उनकी स्पष्ट संख्या ऐसे नहीं बताई जा सकती है। विधेयक पास हुआ है, इसमें क्या नियम व शर्तें रखी गई है। उसको पढ़ने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को बाहर निकालने पर चर्चा होती रही है। केंद्र की भाजपा सरकार तीनों देशों के गैर मुस्लिम जैसे हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी, ईसाई आदि समुदायों के भारत में रहने वाले शरणार्थियों को देश की नागरिकता देने के लिए नागरिकता संशोधन बिल लेकर संसद में आई थी। इस विधेयक में तीनों देशों के मुस्लिम घुसपैठियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान नहीं है। लोकसभा और फिर बुधवार को राज्यसभा से विधेयक पास होने के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए पीलीभीत के विभिन्न इलाकों में रह रहे 45 हजार से ज्यादा गैर मुस्लिम समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता साफ हो गया। इन्हें बिना किसी वैध दस्तावेज के भी भारत की नागरिकता प्रदान कर दी जाएगी।
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पीलीभीत में ये लोग पूरनपुर, माधोटांडा, हजारा, न्यूरिया आदि क्षेत्रों के गांव गभिया सहराई, बूंदीभूड़, बंदरबोझ, नौजल्हा नक्आ, महाराजपुर, नगरिया खुर्द कलां, रमनगरा, पुरैना ताल्लुके महाराजपुर, सेल्हा, मठईया लालपुर,चंदिया हजारा आदि में रह रहे हैं। ये सभी भारतीय नागरिकता पाने के लिए लगातार प्रयास भी करते रहे हैं। वहीं करीब पांच हजार घुसपैठियों के लिए मुश्किल आएगी। पूरनपुर तहसीलदार आशुतोष कुमार का कहना है कि ऐसे कितने लोग आकर बसे हुए हैं, उनकी स्पष्ट संख्या ऐसे नहीं बताई जा सकती है। विधेयक पास हुआ है, इसमें क्या नियम व शर्तें रखी गई है। उसको पढ़ने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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