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फेसबुक पर फंदे में लटकी मछली देख ढूंढ रहे खुदकुशी का राज
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले मोहल्ला पकड़िया निवासी जनरल मर्चेंट व्यापारी समीउद्दीन शम्सी के बेटे अनस के अचानक फंदा लगाकर जान देने से परिवार भी सदमे में है। इसके पीछे की वजह को लेकर परिजन और मोहल्ले के लोग असमंजस में हैं। लेकिन फरवरी में अनस ने फेसबुक पर एक पोस्ट की थी। इसमें मछली फंदे में लटकी हुई थी। इसका मतलब यह लगाया जा रहा है कि अनस लंबे समय से अवसाद में था। संभव है इसी अवसाद में उसने जीवन खत्म कर लिया।
परिजन के अनुसार अनस घर से सात दिन पहले सामान्य होकर गया था। पिता के अनुसार वह 10 दिन तक घर में रुका भी, लेकिन उस समय अनस ने ऐसी कोई बात नहीं बताई। परिवार में वह सबसे छोटा था। बड़े भाई अब्दुल्ला शम्सी पिता संग दुकान पर बैठते हैं। एक विवाहित बहन फारिया शम्सी है। अनस ने 12वीं तक पढ़ाई शहर के एक सीबीएसई केे कॉलेज से की। इसके बाद वह अलीगढ़ चला गया। वहीं से स्नातक और फिर एमएसडब्ल्यू किया था। आगे भी पढ़ाई करना चाहता था। इसको लेकर उनकी पिता से बातचीत हुई थी। हालांकि इसमें भी सब सामान्य रहा था। पिता समउद्दीन शम्सी ने बताया कि अनस ने उनसे बीएड करने को लेकर जिक्र किया था। वह नौकरी की तलाश भी करने वाला था। किसी तरह की कोई ऐसी बात उनको नहीं लगी, जिससे ये अंदाजा लगाया जा सके कि वह इस तरह का कदम उठाएगा। अब ऐसा क्या हुआ? उसके मन में क्या चल रहा था.. कुछ पता नहीं। फिलहाल अभी वह इस पर कोई कार्रवाई नहीं कराना चाहते। परिवार में गमगीन माहौल है। बुधवार को शव को मोहल्ला पंजाबियान स्थित कब्रिस्तान में जौहर की नमाज के बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है।
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परिजन के अनुसार अनस घर से सात दिन पहले सामान्य होकर गया था। पिता के अनुसार वह 10 दिन तक घर में रुका भी, लेकिन उस समय अनस ने ऐसी कोई बात नहीं बताई। परिवार में वह सबसे छोटा था। बड़े भाई अब्दुल्ला शम्सी पिता संग दुकान पर बैठते हैं। एक विवाहित बहन फारिया शम्सी है। अनस ने 12वीं तक पढ़ाई शहर के एक सीबीएसई केे कॉलेज से की। इसके बाद वह अलीगढ़ चला गया। वहीं से स्नातक और फिर एमएसडब्ल्यू किया था। आगे भी पढ़ाई करना चाहता था। इसको लेकर उनकी पिता से बातचीत हुई थी। हालांकि इसमें भी सब सामान्य रहा था। पिता समउद्दीन शम्सी ने बताया कि अनस ने उनसे बीएड करने को लेकर जिक्र किया था। वह नौकरी की तलाश भी करने वाला था। किसी तरह की कोई ऐसी बात उनको नहीं लगी, जिससे ये अंदाजा लगाया जा सके कि वह इस तरह का कदम उठाएगा। अब ऐसा क्या हुआ? उसके मन में क्या चल रहा था.. कुछ पता नहीं। फिलहाल अभी वह इस पर कोई कार्रवाई नहीं कराना चाहते। परिवार में गमगीन माहौल है। बुधवार को शव को मोहल्ला पंजाबियान स्थित कब्रिस्तान में जौहर की नमाज के बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है।
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