{"_id":"5e2482a98ebc3e4b517557fa","slug":"others-in-gajroula-pilibhit-bareilly-news-bly392634380","type":"story","status":"publish","title_hn":"मकान के बाहर बाघ सात बकरियां मारकर खा गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मकान के बाहर बाघ सात बकरियां मारकर खा गया
विज्ञापन
गजरौला (पीलीभीत)। माला रेंज के एक गांव में बाघ ने एक मकान के बाहर खेत में घास चरते समय चार बकरों और तीन बकरियों को अपना निवाला बना लिया। बाघ के हमले के बाद गांव वाले भयभीत हो गए। शोर मचाने पर बाघ जंगल की ओर भाग गया। घटना का पता चलने पर वन विभाग की टीम ने मौके का मुआयना किया।
माला रेंज के गांव वैवाह फॉर्म निवासी निर्मला देवी पत्नी हेम बहादुर नदी के किनारे अपने मकान में रहती हैं। रविवार देर शाम घर के बाहर खेत में उनकी छह बकरी आर चार बकरे घास चर रहे थे। अचानक नदी के रास्ते बाघ ने खेत में आकर सभी बकरे-बकरियों पर हमला बोल दिया। बाघ के हमले में चार बकरे और तीन बकरी फंस गईं, इन्हें बाघ ने अपना शिकार बना लिया। तीन बकरियां किसी तरह बाघ से बचकर भाग गईं। हालांकि मौके पर पांच जानवरों के अवशेष ही पाए गए। दो बकरियां अब भी लापता है। आशंका है कि उनका भी बाघ शिकार करके जंगल की ओर भाग गया। हालांकि वन विभाग से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। बाघ के हमले के बाद वन दरोगा मोहम्मद आरिफ वॉचर बसंतलाल समेत अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा और मृत जानवरों के अवशेष कब्जे में लिए। परिवार वालों को मुुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वन विभाग की टीम ने बाघ के पगचिह्न भी ट्रेस किए हैं।
गांव वालों से बाघ के हमले की सूचना मिली थी। स्टाफ के साथ मौके पर जाकर देखा गया। वहां पांच पशुओं के अवशेष बरामद किए गए। गांव वालों को बाघ से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। -मोहम्मद आरिफ, वन दरोगा
विज्ञापन
विज्ञापन
माला रेंज के गांव वैवाह फॉर्म निवासी निर्मला देवी पत्नी हेम बहादुर नदी के किनारे अपने मकान में रहती हैं। रविवार देर शाम घर के बाहर खेत में उनकी छह बकरी आर चार बकरे घास चर रहे थे। अचानक नदी के रास्ते बाघ ने खेत में आकर सभी बकरे-बकरियों पर हमला बोल दिया। बाघ के हमले में चार बकरे और तीन बकरी फंस गईं, इन्हें बाघ ने अपना शिकार बना लिया। तीन बकरियां किसी तरह बाघ से बचकर भाग गईं। हालांकि मौके पर पांच जानवरों के अवशेष ही पाए गए। दो बकरियां अब भी लापता है। आशंका है कि उनका भी बाघ शिकार करके जंगल की ओर भाग गया। हालांकि वन विभाग से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। बाघ के हमले के बाद वन दरोगा मोहम्मद आरिफ वॉचर बसंतलाल समेत अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचा और मृत जानवरों के अवशेष कब्जे में लिए। परिवार वालों को मुुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। वन विभाग की टीम ने बाघ के पगचिह्न भी ट्रेस किए हैं।
विज्ञापन
गांव वालों से बाघ के हमले की सूचना मिली थी। स्टाफ के साथ मौके पर जाकर देखा गया। वहां पांच पशुओं के अवशेष बरामद किए गए। गांव वालों को बाघ से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। -मोहम्मद आरिफ, वन दरोगा
विज्ञापन