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खेत में बाघ देखकर भागा किसान, दहशत
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अमरिया(पीलीभीत)। गन्ने के खेतों में डेरा जमाए बाघों का आबादी के नजदीक चहलकदमी होने से ग्रामीणों में दहशत है। अब भूड़ा के बलजीत सिंह के खेत के पास बाघ दिखाई दिया। मजदूर ने जुताई करते समय बाघ देखा तो उसके होश उड़ गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम पहुंची और पगचिहन ट्रेस किए। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को बाघ की चहलकदमी के मद्देनजर अलर्ट किया गया है।
किसान बलजीत सिंह ने बताया कि गांव से कुछ दूरी पर उनके खेत से सटा गन्ने का खेत है। यहां अकसर बाघों की चहलकदमी होती रहती है। बुधवार की सुबह करीब सात बजे गांव भरापचपेड़ा निवासी मजदूर परगट सिंह खेत की जुताई करने गया था। खेत के पास पहुंचते ही उनकी नजर गन्ने के खेत से निकले बाघ पर पड़ी। इससे किसान के होश उड़ गए। आनन फानन में वह गांव की ओर दौड़ा और लोगों को जानकारी दी। सूचना पर डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना, चेतन कुमार, सोमपाल, कैलाश कुमार मौके पर पहुंच गए।
बाघ के पगचिहन ट्रेस किए गए। बाघ वापस नदी की ओर निकल गया। सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ा दी गई है। देव ऋषि, डिप्टी रेंजर
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बाघ ने जानवर को बनाया निवाला
बाघ ने गजरौला क्षेत्र के लालपुर गांव में खेत में किसी जानवर को निवाला बना लिया। वनकर्मयों ने बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए, लेकिन यह पता नहीं चल सका कि किस जानवर को बाघ ने निवाला बनाया।
लालपुर गांव निवासी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि वह सुबह फसल देखने खेत में गए। उनकी नजर खेत में फैले खून पर पड़ी तो चौंक गए। वहां बाघ के पगचिह्न भी बने थे। यह देख वह वापस लौटे और जानकारी वन विभाग को दी। सूचना के बाद क्षेत्रीय बीट प्रभारी सत्यवीर सिंह संधू ने टीम के साथ मौका मुआयना किया। जानकारी जुटाने के बाद बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। बीट प्रभारी ने बताया कि बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं। बाघ ने किसी जानवर को निवाला बनाया, इसका पता नहीं चल सका है। हालांकि ग्रामीण सांड़ के होने की बात कह रहे है। संवाद
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किसान बलजीत सिंह ने बताया कि गांव से कुछ दूरी पर उनके खेत से सटा गन्ने का खेत है। यहां अकसर बाघों की चहलकदमी होती रहती है। बुधवार की सुबह करीब सात बजे गांव भरापचपेड़ा निवासी मजदूर परगट सिंह खेत की जुताई करने गया था। खेत के पास पहुंचते ही उनकी नजर गन्ने के खेत से निकले बाघ पर पड़ी। इससे किसान के होश उड़ गए। आनन फानन में वह गांव की ओर दौड़ा और लोगों को जानकारी दी। सूचना पर डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना, चेतन कुमार, सोमपाल, कैलाश कुमार मौके पर पहुंच गए।
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बाघ के पगचिहन ट्रेस किए गए। बाघ वापस नदी की ओर निकल गया। सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ा दी गई है। देव ऋषि, डिप्टी रेंजर
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बाघ ने जानवर को बनाया निवाला
बाघ ने गजरौला क्षेत्र के लालपुर गांव में खेत में किसी जानवर को निवाला बना लिया। वनकर्मयों ने बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए, लेकिन यह पता नहीं चल सका कि किस जानवर को बाघ ने निवाला बनाया।
लालपुर गांव निवासी बिजेंद्र सिंह ने बताया कि वह सुबह फसल देखने खेत में गए। उनकी नजर खेत में फैले खून पर पड़ी तो चौंक गए। वहां बाघ के पगचिह्न भी बने थे। यह देख वह वापस लौटे और जानकारी वन विभाग को दी। सूचना के बाद क्षेत्रीय बीट प्रभारी सत्यवीर सिंह संधू ने टीम के साथ मौका मुआयना किया। जानकारी जुटाने के बाद बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। बीट प्रभारी ने बताया कि बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं। बाघ ने किसी जानवर को निवाला बनाया, इसका पता नहीं चल सका है। हालांकि ग्रामीण सांड़ के होने की बात कह रहे है। संवाद