मास्टर माइंड आदेश गुर्जर की गिरफ्तारी के बाद भी नहीं रुका खेल
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फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिये युवाओं को सेना में भर्ती कराने वाले गैंग के मास्टर माइंड आदेश गुर्जर का खेल उसकी गिरफ्तारी के बाद भी नहीं रुका है। सोमवार को आदेश गुर्जर गैंग के जरिये मेडिकल में हेराफेरी कराने के लिए मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंचे दो युवकों को आर्मी इंटेलीजेंस ने गिरफ्तार कर लिया। इनमें अलीगढ़ निवासी एक युवक भर्ती रैली के दौरान मेडिकल में अनफिट हुए संभल के अभ्यर्थी की जगह मेडिकल कराने आया था जबकि शीशगढ़ (बरेली) निवासी दूसरे युवक को खुद सेना में भर्ती होना था। आदेश गुर्जर का गुर्गा सुरेश भाटी खुद भी बरेली पहुंचा था लेकिन इंटेलीजेंस के हाथ नहीं आया। पोल खुलती देख संभल का अभ्यर्थी भी भाग निकला। इंटेलीजेंस ने शीशगढ़ के युवक से 25 हजार रुपये भी बरामद किए हैं जो उसे सुरेश भाटी को देने थे। आर्मी इंटेलीजेंस ने दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी है।
गिरफ्तार किया गया अलीगढ़ के गांव शिखना खुर्द निवासी विष्णु कुमार संभल के गांव समीखेड़ा गांव में रहने वाले विनीत कुमार की जगह मेडिकल कराने आया था। विनीत सात से 16 मई तक चली सेना भर्ती रैली के दौरान मेडिकल में रिजेक्ट हो गया था। ग्राउंड के डॉक्टरों की टीम ने उसे मिलिट्री हॉस्पिटल रेफर किया था। पाइल्स होने के कारण विनीत ने मेडिकल में हेराफेरी कराने के लिए आदेश गुर्जर के मेरठ के ही साथी सुरेश भाटी से संपर्क किया था। सोमवार को सुरेश भाटीविनीत की जगह अलीगढ़ निवासी विष्णु कुमार का मेडिकल कराने के लिए उसे लेकर बरेली के मिलिट्री हॉस्पिटल पहुंचा था। उसके साथ विनीत भी था।
सुरेश भाटी यहां दोनों को पूरा मामला समझाने के बाद दोपहर करीब 12.30 बजे चला गया। विनीत को उसने मिलिट्री हॉस्पिटल की मोहर दे दी थी। सुरेश के जाने के बाद विनीत ने विष्णु के हाथ पर अस्पताल की मोहर लगाकर उसे अंदर भेज दिया। अंदर पहुंचकर विष्णु ने मोहर दिखाई। मोहर पर उसका 32 नंबर था। जेसीओ को शक हुआ तो उन्होंने सेना की इंटेलीजेंस को बुला लिया। हॉस्पिटल गेट पर खड़े विनीत को जैसे ही इसकी भनक लगी वह भाग निकला। इंटेलीजेंस विष्णु से पूछताछ ही कर रही थी तभी उसके मोबाइल पर शीशगढ़ के गांव भैंसिया सियाटेहरी गांव निवासी राजीव कुमार का फोन आ गया। इंटेलीजेंस के एक अधिकारी ने फोन रिसीव किया तो दूसरी ओर से राजीव ने बताया कि वह मिलिट्री हॉस्पिटल के गेट पर आ गया है। उसे सुरेश भाटी ने भेजा है।
सुरेश भाटी का नाम सुनने के बाद इंटेलीजेंस ने हॉस्पिटल गेट से राजीव को भी दबोच लिया। उसके पास इंटेलीजेंस को साढ़े 25 हजार रुपये भी मिले। राजीव ने बताया कि सेना में भर्ती के लिए उसका 30 जून को मेडिकल होना था। आंख में कमजोरी होने की वजह से उसे ग्राउंड टेस्ट में अनफिट करार देकर मिलिट्री हॉस्पिटल रेफर किया गया था। उसने सुरेश भाटी से संपर्क किया तो उसने उसे विष्णु का नंबर देकर उससे मिलिट्री हॉस्पिटल में मिलने को कहा था। उधर विष्णु ने बताया कि उसकी दो साल पहले मथुरा की भर्ती रैली के दौरान बुलंदशहर निवासी आदेश के गुर्गे शैलेंद्र कुमार उर्फ शैली से मुलाकात हुई थी। शैली ने ही उसकी मुलाकात सुरेश भाटी से कराई थी। सुरेश भाटी ने उसे नवंबर में सेना में भर्ती कराने का झांसा दिया था।
विष्णु और राजीव से पूछताछ करने के बाद दोनों को कैंट पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मिलिट्री हॉस्पिटल के कंपनी कमांडर कैप्टन तरुण सिंह ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दे दी है। इंस्पेक्टर कैंट आरसी धारीवाल ने बताया आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद इस फर्जीवाड़े में शामिल दूसरे आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।