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सुरक्षा कारणों से महिला अस्पताल ने नहीं लिया सीता को
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बरेली। घड़े में बंद कर जमीन में दबाई गई बच्ची सीता एक निजी अस्पताल में भर्ती है। उसे सोमवार को महिला अस्पताल के सुपुर्द किया जाना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से महिला अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को नहीं लिया। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि सीता की सुरक्षा के लिए उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर एक होमगार्ड मांगा है। मंगलवार को होमगार्ड मिलने पर बच्ची को महिला अस्पताल लाया जाएगा।
सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में इस समय करीब 20 बच्चे भर्ती हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए सिर्फ दो होमगार्ड ही उपलब्ध हैं। सीता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर एसएसपी से एक होमगार्ड मांगा गया है। संभवत: मंगलवार को होमगार्ड मिल जाएगा। इसके बाद सीता को निजी अस्पताल से लाया जाएगा। बच्ची के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जा चुका है। अब वह पूरी तरह स्वस्थ्य है। यह बच्ची जमीन में दबे घड़े से 10 अक्तूबर को मिली थी। उसे पहले महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में बिथरी चैनपुर के विधायक पप्पू भरतौल ने रामपुर गार्डन के एक निजी अस्पताल में बच्ची को भर्ती कराया। यहां करीब 40 दिन बच्ची का इलाज चला। इलाज कर रहे डॉ. रवि खन्ना ने सोमवार को बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है।
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सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में इस समय करीब 20 बच्चे भर्ती हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए सिर्फ दो होमगार्ड ही उपलब्ध हैं। सीता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर एसएसपी से एक होमगार्ड मांगा गया है। संभवत: मंगलवार को होमगार्ड मिल जाएगा। इसके बाद सीता को निजी अस्पताल से लाया जाएगा। बच्ची के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया जा चुका है। अब वह पूरी तरह स्वस्थ्य है। यह बच्ची जमीन में दबे घड़े से 10 अक्तूबर को मिली थी। उसे पहले महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में बिथरी चैनपुर के विधायक पप्पू भरतौल ने रामपुर गार्डन के एक निजी अस्पताल में बच्ची को भर्ती कराया। यहां करीब 40 दिन बच्ची का इलाज चला। इलाज कर रहे डॉ. रवि खन्ना ने सोमवार को बताया कि बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है।
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