फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   other

अब कमिश्नर ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

Sun, 29 Sep 2019 02:52 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2019 02:52 AM IST
विज्ञापन
other
बरेली। मिलावटखोरी और शहर भर में फैले अवैध हुक्का बार पर आंखें मूंदे रखने वाला एफएसडीए कार्यालय मुनाफे के लिए शहरवासियों को असुरक्षित खाद्य पदार्थ खिलाने वाले व्यापारियों का साथ देने में फंस गया है। एफएसडीए अफसरों के तमाम नमूनों की रिपोर्ट असुरिक्षत, अखाद्य, अधोमानक और मिसब्रांड होने के बावजूद उन्हें सांठगांठ के तहत दबाकर बैठे रहने का मामला पकड़ में आने के बाद आयुक्त ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। लखनऊ से यह नोटिस यहां आने से पहले ही जिला अभिहित अधिकारी छुट्टी चले गए हैं।
विज्ञापन

दरअसल एफएसडीए में यह खेल काफी समय से चल रहा है। मार्केट से लिए जाने वाले नमूनों के फेल होने की लैब से आई रिपोर्ट को गोपनीय रखकर व्यापारियों से सौदेबाजी की जाती है। बातचीत तय होने के बाद उन्हें अपील का मौका देकर नमूनों को फिर जांच के लिए कोलकाता लैब में भेज दिया जाता है। इस बीच लैब से फेल होने वाले नमूनों की सूची एफएसडीए आयुक्त कार्यालय भेज कर अभियोजन दायर करने की अनुमति मांगी जाती है। अक्सर अनुमति मिलने के बाद भी एफएसडीए के अफसर मुकदमा दर्ज नहीं कराते। बल्कि इसके बाद फिर सौदेबाजी होती है। इस खेल में इतना समय बर्बाद हो जाता है कि मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई होना ही मुश्किल हो जाता है। पिछले दिनों हुई विभागीय समीक्षा में एफएसडीए आयुुक्त मिनिस्ती एस. ने यह खेल पकड़ लिया।
विज्ञापन

इसके बाद एफएसडीए आयुुक्त मिनिस्ती एस. ने जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिनों में जवाब मांगा है। इस नोटिस में उन्होंने ऐसे छह मामलों का जिक्र किया है जिनकी रिपोर्ट दबाकर समय से मुख्यालय को जानकारी नहीं दी गई। मुख्यालय से मुकदमा दायर करने की अनुमति भी कई दिनों तक दबाए रखने के मामले भी पकड़े गए हैं। बता दें कि जिले में एफएसडीए कार्यालय सीधे डीएम के अधीन काम करता है लेकिन एफएसडीए कार्यालय डीएम को भी सही जानकारी नहीं देता।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऊपर तक जुड़े हैं तार
एफएसडीए आयुक्त मिनिस्ती एस की ओर से जारी नोटिस बरेली पहुंचने से पहले ही जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा छुट्टी लेकर अचानक निकल लिए। यह नोटिस आयुक्त कार्यालय से 20 सितंबर को जारी हुआ जो शनिवार को यहां पहुंचा, लेकिन जिला अभिहित अधिकारी दो दिन पहले ही छुट्टी जा चुके थे। इससे यह भी साबित हो गया कि एफएसडीए कार्यालय के तार मुख्यालय तक जुड़े हुए हैं और वहां से गोपनीय कार्रवाइयों की जानकारी भी लीक होकर नीचे तक पहुंच जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed