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असमाविष्ट क्षेत्र के उद्यमों का विकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान: सुस्मित
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बरेली। शहर और गांवों में जीविका के लिए लोग कई तरह के कारोबार में लगे हैं। ये ऐसे कारोबार या उद्यम हैं, जिनका कहीं कोई लेखा जोखा या रजिस्ट्रेशन नहीं होता। जबकि सबसे अधिक रोजगार इसी सेक्टर से आता है। ऐसे ही अनइनकार्पोरेटेड (असमाविष्ट) सेक्टर के उद्यमों का सर्वेक्षण एक अक्तूबर से 31 मार्च तक चलेगा। सर्वेक्षण के बाबत बुधवार को शहर के एक होटल में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के बरेली स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया।
शिविर में क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त निदेशक और क्षेत्रीय प्रमुख सुस्मित ने देश की आर्थिक प्रगति में असमाविष्ट क्षेत्रके उद्यमियों के योगदान पर चर्चा की। बताया कि सर्वेक्षण से सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र की भूमिका के लिए नये आयाम तलाशे जाएंगे। नई दिल्ली मुख्यालय के उप निदेशक डॉ. जिया उल हक ने बताया कि भारत सरकार द्वारा नीतियों को बनाने में आंकड़ों की भूमिका पर अपना पक्ष रखा। इस मौके पर बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और सीतापुर के अधिकारियों का स्वागत करते हुए सहायक निदेशक रवि कपूर ने सर्वेक्षण के उद्देश्य और अवधारणा पर विचार रखा। प्रशिक्षण में सर्वेक्षण की तकनीकी पहलुओं और परिवारों का चयन, उद्यमों की पहचान की जानकारी दी गई। बताया कि सर्वेक्षण रियल टाइम डाटा इंट्री के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा। ताकि नीति निर्माण कीप्रक्रिया तेजी से हो सके। ये सूचनाएं भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, कार्पोरेट एवं उद्यमिता मंत्रालय, नीति आयोग समेत अन्य मंत्रालयों और विभागों को नीतिगत आधार तैयार करने में सहायता करेंगे। साथ ही, विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध कार्यों में उपयोगी होंगी।
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शिविर में क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त निदेशक और क्षेत्रीय प्रमुख सुस्मित ने देश की आर्थिक प्रगति में असमाविष्ट क्षेत्रके उद्यमियों के योगदान पर चर्चा की। बताया कि सर्वेक्षण से सकल घरेलू उत्पाद में इस क्षेत्र की भूमिका के लिए नये आयाम तलाशे जाएंगे। नई दिल्ली मुख्यालय के उप निदेशक डॉ. जिया उल हक ने बताया कि भारत सरकार द्वारा नीतियों को बनाने में आंकड़ों की भूमिका पर अपना पक्ष रखा। इस मौके पर बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और सीतापुर के अधिकारियों का स्वागत करते हुए सहायक निदेशक रवि कपूर ने सर्वेक्षण के उद्देश्य और अवधारणा पर विचार रखा। प्रशिक्षण में सर्वेक्षण की तकनीकी पहलुओं और परिवारों का चयन, उद्यमों की पहचान की जानकारी दी गई। बताया कि सर्वेक्षण रियल टाइम डाटा इंट्री के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा। ताकि नीति निर्माण कीप्रक्रिया तेजी से हो सके। ये सूचनाएं भारत सरकार के वित्त मंत्रालय, कार्पोरेट एवं उद्यमिता मंत्रालय, नीति आयोग समेत अन्य मंत्रालयों और विभागों को नीतिगत आधार तैयार करने में सहायता करेंगे। साथ ही, विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध कार्यों में उपयोगी होंगी।
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