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राजकीय महिला शरणालय भेजे गए नेपाली मां-बेटा
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बरेली। करीब 15 दिन से जिला महिला अस्पताल में भर्ती मानसिक रूप से कमजोर नेपाली महिला और उसके बेटे को बृहस्पतिवार को आशा ज्योति केंद्र की टीम के सुपुर्द कर दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने मां-बेटे को राजकीय महिला शरणालय भिजवा दिया है।
करीब 15 दिन पहले जंक्शन के पास मानसिक मंदित नेपाली महिला को नवजात बेटे से मारपीट करते देख कुछ लोगों ने उसे लाकर जिला महिला अस्पताल में भर्ती करा दिया था जहां कुछ लोग उसका बच्चा खरीदकर ले जाने की कोशिशों में लगे तो मां-बेटे की सुरक्षा बढ़ा दी गई। हालांकि फिर भी अस्पताल प्रशासन को बच्चा चोरी की आशंका से डर हुआ था। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने पुलिस को तीन बार पत्र लिखने के बाद भी सुरक्षा नहीं मिली तो डीपीओ को पत्र लिखा जिसके बाद यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा गया। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर आशा ज्योति केंद्र की टीम ने मां-बेटे को राजकीय महिला शरणालय पहुंचा दिया।
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करीब 15 दिन पहले जंक्शन के पास मानसिक मंदित नेपाली महिला को नवजात बेटे से मारपीट करते देख कुछ लोगों ने उसे लाकर जिला महिला अस्पताल में भर्ती करा दिया था जहां कुछ लोग उसका बच्चा खरीदकर ले जाने की कोशिशों में लगे तो मां-बेटे की सुरक्षा बढ़ा दी गई। हालांकि फिर भी अस्पताल प्रशासन को बच्चा चोरी की आशंका से डर हुआ था। सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने पुलिस को तीन बार पत्र लिखने के बाद भी सुरक्षा नहीं मिली तो डीपीओ को पत्र लिखा जिसके बाद यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष रखा गया। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर आशा ज्योति केंद्र की टीम ने मां-बेटे को राजकीय महिला शरणालय पहुंचा दिया।
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