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बाघिन को पकड़ने के अभियान में बारिश बनी बाधा
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बाघिन। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
बारिश से बचने के लिए बाघिन के मंदिर में आसरा लेने का दावा
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शनिवार को टीम कोयला प्लांट के आसपास की कांबिंग
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी के जंगल में चहलकदमी कर रही बाघिन को पकड़ने का अभियान बारिश होने के कारण बाधित होते नजर आ रहा है। हालांकि टीम ने बाघिन की घेराबंदी के लिए कोयला प्लांट के पास मंदिर के आसपास शनिवार को भी कांबिंग की। दिन में हुई बारिश से बचने के लिए बाघिन के मंदिर में घुसने का टीम ने दावा किया है। टीम को मंदिर में आते-जाते हुए बाधिन के पगचिह्न मिले है। उधर कोयले प्लांट में लगे कैमरे में भी शुक्रवार रात करीब नौ बजे बाघिन दिखी।
पिछले डेढ़ साल से रबर फैक्टरी के जंगल में चहलकदमी कर रही बाघिन को पकड़ने का अभियान एक बार फिर बारिश का भेंट चढ़ते नजर आ रहा है। पिछले डेढ़ साल तो वन विभाग की टीम बाघिन की सटीक लोकेशन नहीं मिलने का रोना रो रही थी। अब पिछले करीब एक सप्ताह से उसकी सटीक लोकेशन मंदिर के पास लगातार मिल रही है तो एक्सपर्ट उसे ट्रेंक्युलाइज करना तो दूर घेरने की तैयारी तक नहीं कर पाए है।
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शुक्रवार रात भी बाघिन की फुटेज मंदिर के पास लगे कैमरे में देखी गई। इसके अलावा शनिवार को दिन में हुई तेज बारिश से बचने के लिए बाघिन मंदिर में घुसी थी और काफी समय तक मंदिर में ही रही। अगर टीम की बाघिन को पकड़ने की तैयारी पूरी होती तो शनिवार को बाघिन बड़े आसानी से मंदिर में ट्रेंक्युलाइज कर ली जाती, लेकिन टीम को तो बाघिन का मंदिर में आने का पता उसके पगचिह्नों से लगा।
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डीएफओ भरतलाल ने बताया कि बाघिन को पकड़ने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बारिश के कारण अभियान प्रभावित जरूर हो रहा है। एक दो दिन में अगर बारिश लगातार नहीं हुई तो जल्द बाघिन को ट्रेंक्युलाइज कर लिया जाएगा।
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शनिवार को टीम कोयला प्लांट के आसपास की कांबिंग फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी के जंगल में चहलकदमी कर रही बाघिन को पकड़ने का अभियान बारिश होने के कारण बाधित होते नजर आ रहा है। हालांकि टीम ने बाघिन की घेराबंदी के लिए कोयला प्लांट के पास मंदिर के आसपास शनिवार को भी कांबिंग की। दिन में हुई बारिश से बचने के लिए बाघिन के मंदिर में घुसने का टीम ने दावा किया है। टीम को मंदिर में आते-जाते हुए बाधिन के पगचिह्न मिले है। उधर कोयले प्लांट में लगे कैमरे में भी शुक्रवार रात करीब नौ बजे बाघिन दिखी।
पिछले डेढ़ साल से रबर फैक्टरी के जंगल में चहलकदमी कर रही बाघिन को पकड़ने का अभियान एक बार फिर बारिश का भेंट चढ़ते नजर आ रहा है। पिछले डेढ़ साल तो वन विभाग की टीम बाघिन की सटीक लोकेशन नहीं मिलने का रोना रो रही थी। अब पिछले करीब एक सप्ताह से उसकी सटीक लोकेशन मंदिर के पास लगातार मिल रही है तो एक्सपर्ट उसे ट्रेंक्युलाइज करना तो दूर घेरने की तैयारी तक नहीं कर पाए है।
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शुक्रवार रात भी बाघिन की फुटेज मंदिर के पास लगे कैमरे में देखी गई। इसके अलावा शनिवार को दिन में हुई तेज बारिश से बचने के लिए बाघिन मंदिर में घुसी थी और काफी समय तक मंदिर में ही रही। अगर टीम की बाघिन को पकड़ने की तैयारी पूरी होती तो शनिवार को बाघिन बड़े आसानी से मंदिर में ट्रेंक्युलाइज कर ली जाती, लेकिन टीम को तो बाघिन का मंदिर में आने का पता उसके पगचिह्नों से लगा।
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डीएफओ भरतलाल ने बताया कि बाघिन को पकड़ने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। बारिश के कारण अभियान प्रभावित जरूर हो रहा है। एक दो दिन में अगर बारिश लगातार नहीं हुई तो जल्द बाघिन को ट्रेंक्युलाइज कर लिया जाएगा।