Bareilly News: अधिकृत डीलर ही कर सकेंगे पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त, अवैध वाहन बाजारों पर कसेगा शिकंजा
बरेली में सौ से ज्यादा स्थानों पर अवैध वाहन बाजार चल रहे हैं। इनमें ज्यादातर बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। परिवहन विभाग ऐसे वाहन बाजारों की सूची बना रहा है।
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बरेली में जगह-जगह संचालित वाहन बाजारों पर अब शिकंजा कसेगा। परिवहन विभाग बिना पंजीकरण चल रहे वाहन बाजारों की सूची तैयार कर रहा है। दिसंबर 2012 में जारी केंद्र सरकार की नीति के तहत यह काम हो रहा है। अब पंजीकृत अधिकृत डीलर ही पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे।
जिले में सौ से ज्यादा स्थानों पर अवैध वाहन बाजार चल रहे हैं। इनमें बाइक से लेकर लग्जरी गाड़ियां बिना किसी नियत प्रक्रिया के खरीदी-बेची जा रही हैं। यहां एक भी वाहन बाजार का पंजीकरण नहीं है। जिले में कोई फर्म पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त के लिए अधिकृत भी नहीं है। वाहन बाजार के लिए 30 दिन में आवेदन करना होगा। इसके लिए नेटवर्थ कम से कम एक करोड़ रुपये और पांच साल के लिए 20 लाख रुपये की बैंक गारंटी जरूरी होगी।
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2022 में ऑथराइज्ड डीलर ऑफ रजिस्टर्ड व्हीकल (एडीआरवी) और स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसेसिंग (एसओपी) पॉलिसी बनाई थी। शासन स्तर से आदेश मिलने के बाद परिवहन विभाग ने जिले में इस पर काम शुरू कर दिया है। नई व्यवस्था में पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का डाटा भी परिवहन विभाग के पोर्टल पर रहेगा।
पीलीभीत रोड कार, नैनीताल हाईवे बाइक बाजार के रूप में मशहूर
शहर का पीलीभीत रोड कार तो नैनीताल हाईवे बाइक बाजार के रूप में मशहूर है। यहां कई अवैध वाहन बाजार चल रहे हैं। इनमें हजारों की संख्या में कार और बाइक खड़ी रहती हैं। चोरी के वाहनों की बिक्री भी इन बाजारों में की जाती है। पारदर्शिता न होने के कारण विवाद भी सामने आते रहते हैं। करोड़ों का कारोबार होने के बाद भी सरकार को राजस्व के रूप में कुछ नहीं मिलता। संवाद
एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जिले में सभी वाहन बाजार बिना पंजीकरण अवैध रूप से चल रहे हैं। इनकी सूची बनाई जा रही है। अब अधिकृत डीलर ही पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त कर सकेंगे। पूरा डाटा भी परिवहन विभाग के पास रहेगा। नई पॉलिसी पर काम शुरू कर दिया गया है।