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विश्वविद्यालय में जूम एप से शुरू हो गई ऑनलाइन पढ़ाई
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छात्र-छात्राएं (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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ई-कंटेंट तैयार करने के लिए शिक्षकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रारंभ
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में ई-कंटेंट के बजाय बुधवार से जूम एप के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। हालांकि छात्रों को जल्द ही कोर्स के लिए ई-कंटेंट भी मिल जाए, इसके लिए बुधवार से शिक्षकों की ई-कंटेंट को लेकर कार्यशाला भी शुरू हो गई है।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय को तीन अगस्त तक कोर्स का करीब 20 फीसदी ई-कंटेंट छात्रों को मुहैया कराना था। इसके लिए तीन अगस्त तक अंतिम तिथि तय थी। चार अगस्त से पढ़ाई शुरू होनी थी लेकिन 27 में से कुछ विभाग ही ई-कंटेंट के तौर पर पढ़ाई के लिए ऑडियो-वीडियो तैयार कर सके। इस वजह से चार अगस्त को ई-कंटेंट से पढ़ाई ही प्रारंभ नहीं हो सकी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार से जूम एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया था। पांच अगस्त को टीचरों ने जूम एप के माध्यम से छात्रों की पढ़ाई प्रारंभ करा दी गई है। हालांकि छात्रों को जल्द ही ई-कंटेंट भी मिल जाए, इसके लिए शिक्षकों की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी शुरू करा दिया गया है। इसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे इस तरह से ऑडियो-वीडियो बनाकर अपलोड कर सकते हैं।
अभी साढ़े पांच सौ कॉलेजों में पढ़ाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं
विश्वविद्यालय ने जूम एप से ऑनलाइन पढ़ाई तो शुरू करा दी है लेकिन उससे संबद्घ करीब साढ़े पांच सौ कॉलेजों में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था तैयार हो। इस पर अब तक कोई प्लानिंग नहीं बनाई गई है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आठ-दस दिन में सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल की कार्यशाला कराई जानी है।
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए विश्वविद्यालय को तीन अगस्त तक कोर्स का करीब 20 फीसदी ई-कंटेंट छात्रों को मुहैया कराना था। इसके लिए तीन अगस्त तक अंतिम तिथि तय थी। चार अगस्त से पढ़ाई शुरू होनी थी लेकिन 27 में से कुछ विभाग ही ई-कंटेंट के तौर पर पढ़ाई के लिए ऑडियो-वीडियो तैयार कर सके। इस वजह से चार अगस्त को ई-कंटेंट से पढ़ाई ही प्रारंभ नहीं हो सकी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार से जूम एप के माध्यम से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया गया था। पांच अगस्त को टीचरों ने जूम एप के माध्यम से छात्रों की पढ़ाई प्रारंभ करा दी गई है। हालांकि छात्रों को जल्द ही ई-कंटेंट भी मिल जाए, इसके लिए शिक्षकों की दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी शुरू करा दिया गया है। इसमें उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे इस तरह से ऑडियो-वीडियो बनाकर अपलोड कर सकते हैं।
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अभी साढ़े पांच सौ कॉलेजों में पढ़ाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं
विश्वविद्यालय ने जूम एप से ऑनलाइन पढ़ाई तो शुरू करा दी है लेकिन उससे संबद्घ करीब साढ़े पांच सौ कॉलेजों में ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था तैयार हो। इस पर अब तक कोई प्लानिंग नहीं बनाई गई है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आठ-दस दिन में सभी कॉलेजों के प्रिंसिपल की कार्यशाला कराई जानी है।
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‘जूम एप से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। बुधवार को इसमें लगभग सभी विभागों की टाइम टेबल के हिसाब से पढ़ाई हुई है। कॉलेजों में भी जल्द यह व्यवस्था शुरू होगी।’ - डॉ छमा पांडेय, समन्वयक, ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था