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बरेली: शुगर की नकली आयुर्वेदिक दवाइयों के ऑनलाइन कारोबार का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

Mon, 14 Sep 2026 07:58 AM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Mon, 14 Sep 2026 07:58 AM IST
सार

बरेली के तीन युवक फर्जी वेबसाइट और विज्ञापनों के जरिए नकली आयुर्वेदिक दवाओं को ऑनलाइन बेच रहे थे। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया। आरोपियों से 14 फोन, तीन लैपटॉप और संदिग्ध दवाइयों बरामद की गई हैं। 

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Online racket of fake Ayurvedic medicines for diabetes busted in Bareilly
नकली दवाओं का ऑनलाइन कारोबार करने के आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में पुलिस ने शुगर की नकली आयुर्वेदिक दवाइयां ऑनलाइन बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 14 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, दो चार्जर, एक प्रिंटर और 75 तरीके की नकली दवाएं बरामद की गई हैं। गिरोह फर्जी वेबसाइट और विज्ञापनों के जरिये ठगी कर रहा था।

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अधिकारियों को मिली सूचना के आधार पर शनिवार रात बारादरी थाना पुलिस ने सैलानी क्षेत्र के एक घर में दबिश देकर भोजीपुरा के गांव जादौपुर निवासी साजिद मलिक, बारादरी के एजाजनगर गौटिया निवासी इस्लाम और पशुपति विहार निवासी जफर को गिरफ्तार कर लिया। मौके से बरामद दवाइयों में डायबोट डायबिटिक पाउडर और ब्रह्म शुगर केयर पाउडर के डिब्बे थे। इन पर फर्जी एफएसएसएआई नंबर और विनिर्माण तिथि (जून 2026) अंकित थी। तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीनों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, वहां से जेल भेजा गया।
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तीन दिन में शुगर ठीक करने की लेते थे गारंटी 
पूछताछ में आरोपी इस्लाम ने बताया कि वह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर शुगर की बीमारी तीन दिन में ठीक करने के फर्जी विज्ञापन डालता था। उसने शॉपिफाई पर एक वेबसाइट भी बनाई थी। इसके जरिये वे कैश ऑन डिलीवरी पर पार्सल भेजते थे। ग्राहकों को गुमराह करने के लिए वे अपनी कंपनी का फर्जी पता अल्मोड़ा, उत्तराखंड का बताते थे। लोगों को बताया जाता था कि वे इन दवाओं को पहाड़ों पर मौजूद प्राकृतिक जड़ी बूटियों से तैयार करते हैं जो शुगर को जड़ से ठीक करने के साथ ही सौ फीसदी सेफ होती हैं।

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ऐसे करते थे ठगी 
पुलिस के मुताबिक लैपटॉप की जांच में सेलोशिप का डैशबोर्ड खुला मिला। इसमें कुल 373 शिपमेंट्स, 91 डिलीवरी और 90 रिटर्न टू ओरिजिन (आरटीओ) दर्ज थे। आरोपी आरके इंटरप्राइजेज, डायबोटा केयर, आयुर लाइफ और हमदम फॉरएवर इंडिया के नाम का इस्तेमाल करते थे। वे दिल्लीवरी, शैडोफैक्स, एक्सप्रेसबीज और ब्लू डार्ट जैसी कूरियर कंपनियों के माध्यम से ग्राहकों को 1000 से 1450 रुपये के कैश ऑन डिलीवरी पार्सल भेजते थे। वेबसाइट पर डायबोट डायबिटिक पाउडर की कीमत 1199 रुपये प्रदर्शित हो रही थी। 

एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि पुलिस ने फर्जी आयुर्वेदिक दवाइयां बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह की गतिविधियों व रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। इन्होंने कहां-कहां दवाएं बेची हैं, इसका भी पता लगाया जाएगा। 

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