फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Online attendance system suspended teachers welcomed the decision

Online Attendance: ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था स्थगित, बरेली के शिक्षकों ने फैसले का किया स्वागत

Tue, 16 Jul 2024 07:11 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 16 Jul 2024 07:11 PM IST
सार

ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था दो माह तक स्थगित कर दी गई है। इस फैसले का शिक्षकों ने स्वागत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी मांगे पूरी होने तक किसी भी अव्यवहारिक आदेशों को नहीं माना जाएगा। 

विज्ञापन
Online attendance system suspended teachers welcomed the decision
शिक्षकों ने किया था प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शासन स्तर से परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था को दो माह के लिए स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय आते ही जिले भर के शिक्षकों ने खुशी जाहिर की। साथ ही कहा कि मांगे पूरी नहीं होने तक ऐसे अव्यवहारिक आदेशों का विरोध करते रहेंगे।

विज्ञापन


बरेली में मंगलवार को भी शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विद्यालय में पठन पाठन कार्य किया। वहीं, सुबह तक जिले में मात्र एक शिक्षक ने ही डिजिटल हाजिरी लगाई। शासन स्तर से आठ जुलाई से शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति लगाने के निर्देश दिए गए थे। शिक्षकों ने इसे अव्यवहारिक आदेश बताते हुए लगातार विरोध प्रदर्शन किया। पठन-पाठन कार्य करते समय भी काली पट्टी बांधकर विरोध किया गया। 
विज्ञापन


वहीं, बड़ी संख्या में संकुल शिक्षकों ने भी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस्तीफा दे दिया। इस आदेश के विरुद्ध उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, यूटा समेत 18 संगठनों ने एक मंच पर आए थे। इसी क्रम में संयुक्त मोर्चे के बैनर तले जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

'शिक्षकों की सभी मांगें पूरी हों'
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने कहा कि संगठन ने हमेशा शिक्षकों का साथ दिया है। शिक्षकों की सभी मांगें पूरी होने तक किसी भी ऐसे अव्यवहारिक आदेशों को मंजूर नहीं किया जाएगा।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (दिनेश शर्मा गुट) के जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षकों की एकता के बल पर यह सफलता मिली है। उम्मीद है कि भविष्य में भी सभी एकजुटता का परिचय देते रहेंगे। शासन का निर्णय स्वागत योग्य है।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिलाध्यक्ष प्रियंका शुक्ला ने कहा कि शिक्षक साथियों की आधी विजय हुई है। जब तक हर समस्या का समाधान नहीं हो जाता। तब तक महासंघ ऐसे तानाशाही फरमानों का विरोध करता रहेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed