Bareilly News: मलेरिया के बाद बच्चों पर डेंगू का हमला, एक साल के मासूम की रिपोर्ट पॉजिटिव
बरेली में मलेरिया के बाद डेंगू ने दस्तक दे दी। बुखार से तप रहे एक साल के बालक की जांच रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बरेली में संचारी रोग नियंत्रण के दावों पर मरीजों की बढ़ती तादाद भारी पड़ रही है। मलेरिया के बाद अब डेंगू का भी वार बच्चों पर शुरू हो गया है। जिले में पहली बार एक वर्ष का एक बच्चा डेंगू की चपेट में मिला है। उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीबीगंज निवासी नबी हसन का एक वर्षीय बेटा गैनुम कई दिन से बुखार की चपेट में था। परिजन निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे पर हालत बिगड़ती जा रही थी। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने उसकी मलेरिया और डेंगू की जांच कराई। कार्ड टेस्टकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर एलाइजा जांच हुई। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उसे भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है।
अब तक मलेरिया के 200 से अधिक मरीज मिले
दूसरी ओर मलेरिया की चपेट में भी बच्चे आ रहे हैं। अब तक करीब दो सौ से ज्यादा बच्चे पॉजिटिव मिल चुके हैं। मलेरिया विभाग की ओर से डेंगू पॉजिटिव मिले बच्चे के परिजन और उनके घर से तीन सौ मीटर के दायरे में रहने वाले लोगों की जांच कराई जाएगी। निरोधात्मक कार्रवाई के लिए टीमें पहुंचेंगी। टीमें घर-घर से लार्वा खोजकर उन्हें नष्ट करेंगी।
विवैक्स मरीजों की घटेगी तादाद, चपेट में लेगा फेल्सीपेरम
मलेरिया के बढ़ते जा रहे मरीजों की तादाद फिलहाल कम होने की उम्मीद नहीं है। तापमान के उतार-चढ़ाव पर आधारित मौसम विभाग के हेल्थ बुलेटिन में अगले सप्ताह से मलेरिया के घातक पैरासाइट प्लाज्मोडियम फेल्सीपेरम (पीएफ) का प्रकोप बढ़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि, वर्तमान में चपेट में ले रहे विवैक्स मलेरिया की मार कम होने की उम्मीद भी है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार तापमान की परिस्थितियों को देखते हुए सितंबर के दूसरे सप्ताह में संचारी रोगों के चपेट में आने की संभावना करीब 75 फीसदी और कई तरह के संचारी रोगों में से करीब 75 फीसदी मलेरिया का प्रकोप हावी होने का अनुमान है।
तापमान अधिकतम 28 से 34 डिग्री और न्यूनतम 19 से 22 डिग्री के बीच दर्ज होगा। जो मलेरिया के पैरासाइट्स के अनुकूल है। हालांकि, इस दौरान डेंगू के चपेट में आने की संभावना कम है। जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक वायरस, बैक्टीरिया या पैरासाइट्स सभी एक निर्धारित तापमान पर सक्रिय और निष्क्रिय होते हैं।