{"_id":"634c7027db1efa09b448a564","slug":"one-more-death-from-dengue-in-bareilly-bareilly-news-bly5010536161","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly: जिले में डराने लगा है डेंगू, मीरगंज में तीसरी मौत...एलाइजा टेस्ट पर भी उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly: जिले में डराने लगा है डेंगू, मीरगंज में तीसरी मौत...एलाइजा टेस्ट पर भी उठे सवाल
Mon, 17 Oct 2022 02:27 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 17 Oct 2022 02:27 AM IST
सार
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महिला मीरगंज सीएचसी पर हुई एनएस1 कार्ड की जांच में पॉजिटिव मिली थी लेकिन उसके एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के मीरगंज के गांव ठिरिया खुर्द में रहने वाली एक और महिला की रविवार को डेंगू से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक महिला मीरगंज सीएचसी पर हुई एनएस1 कार्ड की जांच में पॉजिटिव मिली थी लेकिन उसके एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। सरकारी अस्पताल में ठीक इलाज न होने के कारण परिजन उसे बरेली के निजी अस्पताल में ले गए थे लेकिन तब तक हालत काफी बिगड़ चुकी थी।
विज्ञापन
डेंगू की चपेट में आने वालों के आंकड़ों के साथ मौतों का भी आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। मीरगंज तहसील क्षेत्र इस बार डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित है। मीरगंज सीएचसी पर पिछले दिनों पहुंची ठिरिया खुर्द गांव की 39 वर्षीय रूपवती को तेज बुखार था, साथ ही डेंगू के लक्षण भी थे। सीएचसी पर एनएस1 कार्ड की जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सीएचसी पर हालत में सुधार न होने पर रूपवती को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां भी हालत में सुधार न होने पर परिवार ने रूपवती को बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
एलाइजा टेस्ट पर भी उठे सवाल
एनएस1 कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव मिले कई लोगों की एलाइजा टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आई है। ऐसे ही चार लोगों की मौत हो चुकी है लिहाजा एलाइजा टेस्ट पर भी सवाल उठ रहे हैं। एसीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि रूपवती के कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। मौत की सूचना के बाद टीम को ठिरिया खुर्द में निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि इससे पहले मीरगंज के ही हुरहुरी गांव की प्रधान के पति और पैगानगरी के एक युवक की भी मौत हो चुकी है। इसके अलावा डेंगू शहर में रहने वाली एक समाचार पत्र की संपादक की भी जान ले चुका है। रविवार को भी अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे बुखार के मरीजों की जांच में 12 लोग डेंगू संदिग्ध मिले हैं। जिनके सैंपल जांच को लैब भेजे गए हैं।
विज्ञापन
हाल खराब... अब एक बेड पर तीन-तीन मरीज
मीरगंज सीएचसी पर छह बेड के वार्ड में शनिवार को मलेरिया के और मरीज भर्ती हुए। पहले से ही भर्ती 25 मरीजों की तादाद बढ़ने के बाद अब एक बेड पर तीन-तीन मरीज को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। किसी भी बेड पर मच्छरदानी नहीं लगी है। ऐसे में अगर किसी पीड़ित को काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को वही मच्छर काट ले तो उनके भी संक्रमित होने की आशंका है। दवाएं, जांच सुविधा भी सीएचसी पर नहीं है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं रहते डॉक्टर
मीरगंज। मरीजों ने आनंदपुर पीएचसी पर तैनात डॉ. सुनील और जाम पीएचसी पर तैनात डॉ. रोहन दिवाकर के मौजूद न रहने की शिकायत की है। उनका कहना है कि दोनों डॉक्टर सीएचसी पर ही बैठे रहते हैं। इससे आनंदपुर और जाम पीएचसी पर मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदार जितेंद्र ने बताया कि अस्पताल में डीएनएस, एनएस ग्लूकोज और इंजेक्शन तक बाहर से मंगाए रहे हैं। स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को तीन से चार घंटे का इंतजार कराने के बाद दवाएं देते हैं। संवाद